देहरादून

 उत्तराखंड में 2100 शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ! हाईकोर्ट से केस वापस लेगी सरकार, जानें पूरा मामला

Big Decision Of Government : करीब 2100 शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ होने वाला है। सरकार पदोन्नति विवाद के मामले को हाईकोर्ट से वापस लेने की तैयारी कर रही है। इससे प्रमोशन की राह देख रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही स्कूलों में रिक्त चल रहे पद भी भर जाएंगे।

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Apr 10, 2026
उत्तराखंड सरकार शिक्षक पदोन्नति केस हाईकोर्ट से वापस लेगी

Big Decision Of Government : 2100 शिक्षकों के जल्द ही प्रमोशन होने वाले हैं। बताया जा रहा है कि सरकार शिक्षक पदोन्नति से जुड़े केस को हाईकोर्ट से वापस लेने की तैयारी में है। शिक्षक पदोन्नति से जुड़े विवाद में बड़ा निर्णय लेते हुए उत्तराखंड सरकार, हाईकोर्ट से वाद वापस लेने जा रही है। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने इसकी पुष्टि कर दी है। सचिव के मुताबिक केस वापस लेने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन कर दिया है। बताया कि कुछ समय पूर्व ही शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने केस वापस लेने के निर्देश दिए थे। उसी को देखते हुए शासन स्तर से तैयारियां शुरू कर दी गई थी। सरकार के इस निर्णय से शिक्षकों के 14 वर्ष से अटके प्रमोशन की राह खुलने की आस है। यदि शिक्षक भी केस वापस लेते हैं तो 32 सौ से ज्यादा प्रमोशन की राह खुलेगी। वर्तमान में 2100 शिक्षकों के प्रवक्ता कैडर में प्रमोशन लंबित हैं। इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य के 1200 और हाईस्कूल प्रधानाध्यापक के 800 पद रिक्त हैं। यदि इन सभी पदों में से आधे भी प्रमोशन से भर लिए जाते हैं तो इनकी संख्या भी लगभग एक हजार होगी। इधर, शिक्षा सचिव के मुताबिक प्रमोशन प्रकरण में दायर केस वापस लेने को लेकर न्याय विभाग से राय ली गई थी। लंबे विमर्श के बाद विभाग ने कोर्ट में पक्ष रखा है। सरकार चाहती है कि पात्र शिक्षकों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिले।

ऐसे कोर्ट पहुंचा मामला

साल 1995 में तत्कालीन यूपी सरकार ने तदर्थ रूप से नियुक्त शिक्षकों को अक्तूबर 1990 से विनियमित करने का निर्णय लिया था। साल 2000 तक शिक्षकों को मौलिक नियुक्ति दी गई। तदर्थ शिक्षक 1990 से वरिष्ठता की मांग कर रहे हैं। सरकार ने 23 जुलाई 2019 को मंजूरी दे दी थी। बाद में बैकडेट से वरिष्ठता पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद लोक सेवा अभिकरण के फैसले के खिलाफ सरकार कोर्ट चली गई।

50 के कारण अटके 2100 प्रमोशन

उत्तराखंड में तदर्थ विनियमित शिक्षकों को एक अक्तूबर 1990 से वरिष्ठता देने का फैसला अगर लागू किया जाता है तो भी अब इसका व्यापक प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस श्रेणी में मौजूदा समय में 50 से भी कम शिक्षक कार्यरत हैं, अधिकांश सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यदि यह विवाद सुलझता है तो एलटी कैडर के 2100 शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता खुल जाएगा। यदि शिक्षक अपने प्रकरण कोर्ट से वापस लेते हैं तो प्रमोशन की प्रक्रिया तत्काल शुरू हो सकती है। सरकार ने दावा किया है कि शिक्षकों की ओर से केस वापस लेने पर 24 घंटे के भीतर प्रमोशन कर दिए जाएंगे।

Published on:
10 Apr 2026 11:25 am
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