Crime News : जहरीला पदार्थ पीने से बैंक्वेट हॉल स्वामी व जनजाति समाज के एक नेता और उनके साथी की मौत हो गई। इस घटना में तीसरे की भी हालत गंभीर है। आशंका जताई जा रही है कि शराब में जहर मिलाकर हत्या की साजिश रची होगी। पुलिस ने मामले की जांच कर दी है।
Crime News : जहरीला पदार्थ गटकने से जनजाति समाज के एक बड़े नेता और एक अन्य व्यक्ति की मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है। ये घटना उत्तराखंड के यूएस नगर जिले के खटीमा में घटी है। कंजाबाग बैंक्वेट हॉल स्वामी 52 वर्षीय ढिल्लू, मलकीत सिंह राणा निवासी भगचुरी और अधिवक्ता प्रवेश मौर्य निवासी भगचुरी एक विवाह समारोह में शामिल होकर सैजना से लौटे थे। पुलिस के मुताबिक तीनों ने कंजाबाग चौराहा स्थित एक भट्ठी से शराब की बोतल ली और बैंक्वेट हॉल में बैठकर शराब पी। इससे उनके शरीर में जलन और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। पड़ोसी जीवन ने वाहन से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान ही ढिल्लू राणा की मौत हो गई। प्रवेश मौर्य और मलकीत राणा को आनन-फानन में हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में लोगों का जमावड़ा लग गया। उधर देर रात बरेली में उपचार के दौरान मलकीत राणा ने भी दम तोड़ दिया। अंदेशा जताया जा रहा है कि जहर मिली शराब पीने से ढिल्लू राणा की मौत हुई होगी। या किसी ने साजिशन शराब में जहर मिलाकर उनकी हत्या की योजना बनाई होगी। इधर, डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि तीनों ने जहरीला पदार्थ पीया है। एसएसआई ललित मोहन ने बताया कि प्रथम दृष्टया तीनों ने रासायनिक पदार्थ का सेवन किया था।
ढिल्लू राणा थारू समाज का बड़ा नाम है। वह आरएसएस से जुड़े थे। वनवासी कल्याण आश्रम के माध्यम से सितारगंज में स्थित मीरा बारह राणा सेवा संस्थान के वह पदाधिकारी भी थे। ढिल्लू राणा कंजाबाग उमरुखुर्द के निवासी थे। ढिल्लू आरएसएस के अलावा कई सामाजिक संगठनों से भी जुड़े हुए थे। वह व्यवसायी भी थे। कंजाबाग शिव मंदिर के पास उनका बैंक्वेट हॉल था। मलकीत भी आरएसएस से जुड़े हुए थे और दोनों ही साथ में काम करते थे।
जहरीला पदार्थ पीने से ढिल्लू राणा और मलकीत की मौत से हर कोई सदमे में है। सूत्रों के अनुसार, जिस कमरे में तीनों शराब पी रहे थे, वहां पानी की बोतल की जगह जहरीले पदार्थ की बोतल मिली है। उससे ऐसी दुर्गंध उठ रही थी, जैसी तीनों के शरीर से उठ रही थी। आशंका जताई जा रही है कि कहीं किसी ने चालाकी से पानी की बोतल में जहरीला पदार्थ तो नहीं डाल दिया। फिलहाल पुलिस अभी इस मामले में कुछ नहीं बोल रही है। घटना के बाद आबकारी विभाग ने शराब के ठेके पर पहुंचकर पूछताछ भी की। हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनकी शराब के साथ जहरीला पदार्थ कैसे पहुंचा। लोग इसे बड़ी साजिश भी मान रहे हैं। हालांकि पुलिस जांच के बाद पूरी सच्चाई उजागर हो पाएगी।