देहरादून

संघर्ष से शिखर तक: स्पेयर पार्ट की दुकान में काम करते हैं पिता, बेटे ने इंटर बोर्ड में मारी बाजी

UK Board 2026: उत्तराखंड इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 97.80% अंक हासिल कर आर्यन ने पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। साधारण परिवार से आने वाले आर्यन के पिता स्पेयर पार्ट की दुकान में काम करते हैं।

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Apr 25, 2026
संघर्ष से शिखर तक..

Aryan Success Story: उत्तराखंड इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के नतीजों में इस बार एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता जरूर मिलती है। आवास विकास सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र आर्यन ने 97.80 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।

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संघर्ष भरे माहौल में की पढ़ाई

आर्यन का परिवार एक साधारण पृष्ठभूमि से आता है, जहां संसाधनों की कमी हमेशा बनी रहती है। उनके पिता मनोज एक बाइक स्पेयर पार्ट की दुकान में काम करते हैं और परिवार की जिम्मेदारियों को संभालते हैं। वहीं उनकी माता विनीता ने हर परिस्थिति में बेटे का हौसला बढ़ाया और उसके सपनों को टूटने नहीं दिया। घर की जिम्मेदारियों और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाना आर्यन के लिए आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

लगातार मेहनत और अनुशासन बना सफलता की कुंजी

आर्यन ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी निरंतर मेहनत और अनुशासित जीवनशैली को दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने नियमित पढ़ाई, समय प्रबंधन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को प्राथमिकता दी। कठिन विषयों पर ज्यादा ध्यान देना और रोजाना अभ्यास करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

माता-पिता और शिक्षकों का अहम योगदान

अपनी इस उपलब्धि पर आर्यन ने सबसे पहले अपने माता-पिता और शिक्षकों का धन्यवाद किया। उनका कहना है कि यह सफलता केवल उनकी नहीं बल्कि उनके परिवार और शिक्षकों की भी है। शिक्षकों ने हर विषय को सरल तरीके से समझाया और उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इंजीनियर बनने का सपना

आर्यन का अगला लक्ष्य इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर एक सफल सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना है। उनका मानना है कि शिक्षा ही वह रास्ता है, जो किसी भी व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। वे आगे भी इसी समर्पण और मेहनत के साथ अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रयासरत रहेंगे।

विद्यालय में खुशी का माहौल

विद्यालय के प्रधानाचार्य ने आर्यन की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे विद्यालय के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि आर्यन शुरू से ही मेहनती और अनुशासित छात्र रहे हैं। उनकी यह सफलता अन्य छात्रों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

हर छात्र के लिए प्रेरणा बनी आर्यन की कहानी

आर्यन की यह सफलता उन सभी छात्रों के लिए एक संदेश है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। यह कहानी बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है और सफलता हासिल की जा सकती है।

Published on:
25 Apr 2026 01:32 pm
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