
CM Dhami Targets Rahul Gandhi and CJP Protest: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। एलन मस्क को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी और SIR के विरोध को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। सीएम धामी ने CJP के विरोध प्रदर्शन पर भी पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी कंपनियों और विदेशी लोगों के साथ विपक्ष की सांठगांठ साफ दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी की एलन मस्क को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, "अब कुछ भी छिपा नहीं रह गया है। प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती। यह साफ दिखाई दे रहा है कि इनकी विदेशी कंपनियों और विदेशी लोगों के साथ गहरी सांठगांठ है। धामी ने कहा कि अगर किसी विदेशी कंपनी को भारत में काम करने का लाइसेंस चाहिए, तो उसे यहां की सभी तय प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा। हमारे लिए देश की सुरक्षा सबसे पहले है, बाकी सारी व्यवस्थाएं और काम उसके बाद आते हैं।
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर हो रहे विरोध पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महोदया ने भी विपक्ष से कहा है कि यदि किसी के पास कोई तथ्य या प्रमाण है, तो उसे सामने रखना चाहिए। सरकार और संस्थाएं एक सामान्य और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अपना काम कर रही हैं। धामी के मुताबिक, SIR एक सामान्य प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बार-बार व्यवस्था को बिगाड़ने और देश में अराजकता का माहौल पैदा करने की कोशिश करता है।
पुष्कर सिंह धामी ने कड़े शब्दों में कहा कि विपक्ष हर बार सिर्फ व्यवस्था को बिगाड़ना चाहता है। कांग्रेस हो या फिर CJP के लोग, ये सभी मिलकर देश के अंदर अराजकता का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ये सब लोग कहीं ना कहीं विदेशी शक्तियों के इशारे पर काम कर रहे हैं और विदेशी ताकतों के हाथ में खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से देश की व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
बता दें कि एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक के लाइसेंस मिलने में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया था कि स्टारलिंक ने तमाम नियम पूरे कर लिए हैं, तो लाइसेंस क्यों नहीं मिल रहा? इसके साथ ही उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर इशारा करते हुए लिखा था- "क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं?" मस्क के इन बयानों के बाद भारत के दूरसंचार मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि देश का रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पूरी तरह से निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण है तथा सभी टेलीकॉम सेवाओं के लिए एक समान और पारदर्शी ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क बनाया गया है।