देहरादून

‘अंकिता भंडारी हत्याकांड’ में दोषियों की जमानत याचिका खारिज होने पर CM कार्यालय का बयान, VIP मुद्दे पर विपक्ष को दिया जवाब

Uttarakhand CMO Statement on Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों दोषियों की जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने विस्तृत बयान जारी किया। इसके साथ ही सरकार ने न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता जताते हुए VIP के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया है।
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Aug 19, 2026
Ankita Bhandari Case, CM Pushkar Singh Dhami
अंकिता भंडारी केस में धामी सरकार ने जारी किया बयान (फोटो- पत्रिका)

Ankita Bhandari Case:उत्तराखंड के बहुचर्चित 'अंकिता भंडारी हत्याकांड' में तीनों दोषियों की जमानत याचिका अदालत से खारिज होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक विस्तृत बयान जारी किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि राज्य सरकार की ओर से की गई मजबूत और प्रभावी कानूनी पैरवी के कारण ही आरोपियों को अदालत से कोई राहत नहीं मिल सकी। सरकार ने साफ किया है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अंकिता को न्याय दिलाने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित है।

आजीवन कारावास की सजा को दी गई थी चुनौती

इन तीनों अभियुक्तों ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में मुख्य अपील दाखिल की थी। इसके साथ ही उन्होंने अपील लंबित रहने तक जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की थी। बचाव पक्ष ने कई दलीलें दीं लेकिन अभियोजन पक्ष और पीड़िता के वकीलों ने इसका कड़ा विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत अर्जियां पूरी तरह निरस्त कर दीं। गौरतलब है कि कोटद्वार की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने 30 मई, 2025 को इन तीनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

विपक्ष पर लगाया राजनीति करने का आरोप

मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले में राजनीति करने को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर भी हमला बोला है। सरकार ने कहा कि कांग्रेस और अन्य संगठनों के सदस्यों ने VIP के नाम पर बार-बार सवाल उठाकर केवल जनता के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास किया है। कहा गया है कि अगर किसी के पास कोई ठोस सबूत था तो उसे अदालत या जांच एजेंसियों के सामने रखना चाहिए था। अदालत के बाहर केवल राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे गंभीर आरोप लगाना और जनता को गुमराह करना न्याय की लड़ाई बिल्कुल नहीं है। इसे अंकिता से जुड़े इतने संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण करना ही कहा जाएगा।

पीड़ित परिवार की सभी मांग की गई पूरी

सरकार ने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरी कानूनी प्रक्रिया के दौरान अंकिता के माता-पिता और परिवार की भावनाओं को सबसे ऊपर रखा गया। पीड़ित परिवार की मांगों के अनुसार केस की पैरवी करने वाले सरकारी वकीलों को 3 बार बदला गया। इतना ही नहीं जब अंकिता के माता-पिता ने मामले की CBI जांच की मांग की तो मुख्यमंत्री धामी ने उनकी भावनाओं का पूरा सम्मान करते हुए केस की CBI जांच के भी आदेश दिए। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई और अंकिता के पिता तथा भाई को सरकारी नौकरी देकर शोक संतप्त परिवार का पूरा साथ दिया गया।

क्या है 'अंकिता भंडारी हत्याकांड' मामला?

बता दें कि वर्ष 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या का मामला सामने आया था। अंकिता ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। 18 सितंबर, 2022 को वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थीं। करीब 6 दिन बाद 24 सितंबर को अंकिता का शव ऋषिकेश के चीला बैराज से बरामद हुआ था। जांच में पता चला कि रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके सहयोगियों ने अंकिता की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया था। फिलहाल हाईकोर्ट में इनकी मुख्य अपील पर आगे की सुनवाई जारी रहेगी।

Updated on:
19 Aug 2026 06:18 pm
Published on:
19 Aug 2026 06:18 pm