
UTU Semester Exam Cancelled: देवभूमि उत्तराखंड के उच्च शिक्षा जगत में एक बार फिर प्रश्नपत्रों की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UTU) ने गंभीर अनियमितताओं और पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद अपनी दो प्रमुख इंजीनियरिंग सेमेस्टर परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। फर्जीवाड़े की इस परत-दर-परत साजिश में दून पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रेमनगर स्थित शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ एक गुमनाम ई-मेल के जरिये हुआ, जो परीक्षा समाप्त होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को प्राप्त हुआ था। ईमेल में दावा किया गया था कि 3 जुलाई को प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता ने छात्रों के एक आधिकारिक वॉट्सऐप ग्रुप में आगामी परीक्षा से जुड़े अति-संवेदनशील प्रश्न साझा किए थे।
जब 8 जुलाई को आयोजित हुई 'मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स' (Machine Learning for Internet of Things) की परीक्षा के प्रश्नपत्र का मिलान वॉट्सऐप पर भेजे गए प्रश्नों से किया गया, तो विश्वविद्यालय प्रबंधन के भी होश उड़ गए। प्रश्नपत्र का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा हूबहू वही था जो परीक्षा से दिन पहले ग्रुप में लीक किया गया था। जांच आगे बढ़ी तो एक अन्य विषय 'इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी' (Electromagnetic Field Theory) के पेपर की गोपनीयता भंग होने के प्रमाण भी सामने आए।
यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय जांच समिति ने आरोपी शिक्षक को दोषी पाते हुए तुरंत बर्खास्त करने की सिफारिश की। इसके बाद परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की तहरीर पर प्रेमनगर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं—316, 318(4) और 61(2) के तहत आपराधिक मामला दर्ज कराया गया।
बड़ी कार्रवाई: पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर का मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी शिक्षक को आगामी 7 वर्षों के लिए UTU के तमाम शैक्षणिक व परीक्षा कार्यों से पूरी तरह डिबार (प्रतिबंधित) कर दिया है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली की शुचिता और पारदर्शी साख को बनाए रखने के लिए दोनों प्रभावित विषयों की परीक्षाएं पूरी तरह रद्द की गई हैं। रद्द की गई परीक्षाएं अब अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में पुनः आयोजित की जाएंगी, जिसकी विस्तृत समय-सारणी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड सरकार ने प्रतियोगी व अकादमिक परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे कड़ा 'उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और निवारण) अध्यादेश' लागू किया हुआ है, जिसमें उम्रकैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
हाल के दिनों में देवभूमि में नीट (NEET) और अन्य राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवादों के बीच, विश्वविद्यालय स्तर की इंजीनियरिंग परीक्षाओं में इस तरह के वॉट्सऐप लीक तंत्र का सामने आना बेहद चिंताजनक है। राज्य के विभिन्न छात्र संगठनों ने मांग की है कि केवल प्रोफेसर ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्र और कॉलेज प्रबंधन की निगरानी प्रणाली में हुई गंभीर चूकों की भी गहन जांच की जानी चाहिए।