Use Of STP Water : अब सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकला हुआ साफ पानी 10 रुपये किलोलीटर की दर से बिकेगा। कैबिनेट ने इसकी मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके अलावा राज्य के 12 शहरों के लिए 16 सौ करोड़ की पेयजल योजनाओं को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
Use Of STP Water : सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में छनकर साफ हुए पानी को भी अब 10 रुपये किलोलीटर के हिसाब से बेचा जाएगा। उत्तराखंड में धामी मंत्रिमंडल ने कल इसकी मंजूरी प्रदान की है। एसटीपी में सीवर के पानी को री-यूज्ड ट्रीटेड वाटर बनाया जाएगा। पेयजल विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद एसटीपी के शुद्ध पानी का उपयोग गैर-पेय कार्यों में भी हो सकेगा। इस पानी का प्रयोग भवन निर्माण, कूलिंग, बागवानी, फ्लशिंग, पार्क की सिंचाई, औद्योगिक क्षेत्र में दोबारा किया जाएगा। टैंकरों से इसकी आपूर्ति भी की जा सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भूजल पर बढ़ता दबाव कम होगा, जल स्रोतों का संरक्षण होगा और भूजल प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही इस पानी के व्यावसायिक उपयोग से पेयजल एजेंसियों की आय बढ़ेगी। इससे राजस्व सृजन के नए स्रोत भी खुलेंगे। कृषि, उद्योग, सड़क निर्माण, स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग यूनिट में भी इस प्रोसेस पानी का उपयोग किया जा सकेगा। वनाग्नि से निपटने, सड़कों पर धूल नियंत्रण, वाहनों की धुलाई और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में भी एसटीपी का साफ पानी खूब उपयोगी होगा।
उत्तराखंड कैबिनेट ने राज्य के 12 शहरों के लिए 1600 करोड़ रुपये की नई पेयजल योजना को मंजूरी दे दी है। पेयजल विभाग ने 12 शहरों में पानी की 24 घंटे आपूर्ति के संबंध में प्रस्ताव कैबिनेट बैठक में रखा था। इसमें पेयजल की नई योजनाएं बनाने के साथ पुरानी के सुधार पर भी जोर दिया गया। कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत श्रीनगर, गोपेश्वर, सेलाकुई, रामपुर रुड़की, ऋषिकेश पशुलोक, रानीपोखरी मौजा, रानीपोखरी ग्रांट, पाडलीगुज्जर, बागेश्वर, हल्द्वानी, भीमताल और भवाली लाभान्वित होंगे। राज्य बेंच देहरादून में यथावत रहेगी।
उत्तराखंड में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ढाई दशक बाद अपनी भर्ती नियमावली बनेगी। कैबिनेट ने कल इसकी मंजूरी प्रदान कर दी है। कैबिनेट ने समूह ‘क’ और ‘ख’ के पदों के लिए सेवा-शर्तें, नियुक्ति की प्रक्रियाएं और प्रमोशन की व्यवस्था को मंजूरी दे दी। बता दें कि अब तक पीसीबी में भर्तियां यूपी की नियमावली के आधार पर होती थीं। नए निर्णय के बाद अफसर स्तर की भर्तियां शीघ्र शुरू होने की संभावना है। इसे बोर्ड के प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी। योग्य अभ्यर्थियों को अवसर भी मिल सकेंगे।