देवरिया में एक हैरान करने वाली घटना हुई है। यहां बारह साल पहले गायब हुआ एक युवक अपने घर अचानक पहुंचा। युवक ने परिजनों से इस तरह बात की जैसे कि वह वहीं गायब हुआ बच्चा रहा हो।
देवरिया जिले में एक हैरान करने वाली घटना हुई है, यहां बनकटा थाना क्षेत्र की आघांव गांव में एक हिंदू परिवार का लड़का 12 साल पहले गायब हो गया था। जानकारी के मुताबिक दस दिन पहले साधू पहुंचा।घर पहुंचकर उसने परिवार के सदस्यों को उनके नाम से पुकारना शुरू कर दिया। ऐसे में परिवार के सदस्यों को लगा कि वह उनका ही गायब हुआ बेटा है।
बेटे को आंखों के सामने देख मां, बाप और अन्य परिजनों को तो जैसे संसार की सारी खुशियां मिल गई हों। दस दिनों तक परिवार के लोग जिंदगी का सबसे खुशनसीब समय काट रहे थे ,लेकिन इसी दौरान कुछ ऐसा हुआ कि साधू के रूप में आए मुस्लिम युवक की पोल खुल गई। उसके बाद ग्रामीणों द्वारा फोन करके पुलिस को सूचना दिया गया। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया।
दरअसल, देवरिया जनपद के बनकटा थाना क्षेत्र की आघांव गांव के रहने वाले स्वर्गीय नथुनी गौड़ का बेटा सुभाष 12 साल पहले अपने घर से लापता हो गया था। 10 दिन पहले उनके घर पर भगवा पहने एक युवक भीख मांगते हुए पहुंचा।इस दौरान स्वर्गीय नथुनी की पत्नी मैना देवी को देखकर वह उनसे भीख मांगने लगा। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्यों का भी वह नाम पुकारने लगा। उसका चेहरा गायब हुए बेटे सुभाष से मिल रहा था। ऐसे में परिवार के लोग उससे पूछताछ करने लगे।
इस दौरान लोगों ने जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसका नाम सुभाष गौड़ है। हिंदू परिवार उसके बहकावे में आ गया और उसे अपना बेटा समझ लिया। बेटा समझ कर लोगों ने उसे अपने घर रुकने को कहा, जिस पर वह रुकने के लिए तैयार हो गया। दस दिन तक वह परिवार वालों के साथ रहा।
इसी बीच उसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल होने लगा। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मऊ के एक व्यक्ति द्वारा फोन करके बताया गया कि जिस शख्स का वीडियो वायरल हो रहा है वह मऊ का रहने वाला है।
फोन करने वाले शख्स ने युवक की पहचान मैनुद्दीन उर्फ बिलाई अंसारी के रूप में की। ऐसे में हिंदू परिवार द्वारा भी उससे पूछताछ किया गया। पूछताछ में स्पष्ट हो गया कि वह युवक सुभाष नहीं बल्कि मुस्लिम है। ऐसे में ग्रामीणों ने फोन करके पुलिस बुलाई।