
Deoria Ambedkar Statue News: देवरिया के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के लवकनी गांव में सरकारी जमीन पर लगाई जा रही डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा हटाने पहुंची पुलिस और राजस्व टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। विरोध इतना बढ़ गया कि महिलाओं ने भी ईंट-पत्थर फेंके, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस को पीछे हटना पड़ा। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी मौके पर पहुंची, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया। पुलिस ने प्रतिमा हटाकर थाने भिजवा दी और जेसीबी से चबूतरा भी हटवा दिया। मामले में अब तक 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
यह मामला गौरी बाजार थाना क्षेत्र के लवकनी गांव का है। प्रशासन को सूचना मिली थी कि ग्राम समाज की जमीन पर बिना अनुमति अंबेडकर प्रतिमा स्थापित की जा रही है। सूचना मिलने के बाद गुरुवार शाम करीब चार बजे राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गांव पहुंची। गांव में पहले से तनाव की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। दलित समाज के लोग प्रतिमा स्थापित करने की मांग पर अड़े रहे। इसी दौरान माहौल अचानक बिगड़ गया और पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके जाने लगे। पथराव इतना तेज था कि पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। कई जवान घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे। महिलाओं ने भी पुलिस पर ईंट और पत्थर फेंके। स्थिति बेकाबू होने के बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठी फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया और पूरे इलाके को अपने कब्जे में लिया।
घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी सुनील कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद गांव में कई थानों की पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। पुलिस ने करीब 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही घटना के दौरान बने वीडियो और अन्य सबूतों के आधार पर पथराव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अंबेडकर प्रतिमा को मौके से हटाकर पिकअप वाहन के जरिए गौरी बाजार थाने भेज दिया। इसके बाद प्रतिमा स्थापना के लिए बनाए गए चबूतरे को भी जेसीबी से हटवा दिया गया। एडीएम (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह ने बताया कि पुलिस ने प्रतिमा को मौके से हटाकर पिकअप वाहन से गौरी बाजार थाने भेज दिया। इसके बाद जेसीबी से प्रतिमा स्थापना के लिए बनाए गए चबूतरे को भी हटवा दिया गया। मामले में सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन हिंसा फैलाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।