देवरिया

मोमोज खिलाने के बहाने मासूम से हड़पे 85 लाख के गहने, सदमे में परिवार… जांच में जुटी पुलिस

Deoria News: देवरिया जिले में मोमोज के लालच में फंसे एक नाबालिग से 80 से 85 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

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Feb 02, 2026
मोमोज खिलाने के बहाने मासूम से हड़पे 85 लाख के गहने | AI Generated Image

Momos lure child jewellery theft Deoria:उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में चिंता और हैरानी का माहौल बना दिया है। आरोप है कि मोमोज बेचने वाले कुछ युवकों ने एक नाबालिग बच्चे को खाने के लालच में फंसाकर उसके ही घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने निकलवा लिए।

मामला रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां भगवानपुर तिवारी गांव के एक परिवार ने पुलिस से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि यह कोई साधारण चोरी नहीं, बल्कि बच्चे की मासूमियत का फायदा उठाकर की गई सुनियोजित ठगी है।

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मंदिर में सेवा करने वाले पिता

पीड़ित परिवार के मुखिया विमलेश मिश्रा वाराणसी के एक मंदिर में पुजारी के रूप में कार्यरत हैं। उनका नाबालिग बेटा देवरिया स्थित पैतृक घर में रहकर सातवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा है। पिता के बाहर रहने के कारण बच्चा अधिकतर घर पर ही रहता था और आसपास के चौराहे पर आने-जाने वालों से उसका संपर्क बना हुआ था। इसी दौरान, परिवार का आरोप है कि कुछ युवक, जो डुमरी चौराहे पर मोमोज की दुकान लगाते थे, बच्चे के करीब आने लगे और धीरे-धीरे उससे दोस्ती कर ली।

मोमोज की आदत बनी आरोपियों का हथियार

परिवार का कहना है कि बच्चे को मोमोज खाने का शौक था, जिसे देखकर युवकों ने उसे बार-बार मुफ्त में मोमोज खिलाना शुरू किया। इस बहाने वे उससे बातें करते, भरोसा जीतते और धीरे-धीरे उसे अपने प्रभाव में लेते गए।

आरोप है कि समय के साथ उन्होंने बच्चे को यह विश्वास दिला दिया कि वे उसके अच्छे दोस्त हैं और उनकी हर बात मानना उसके लिए फायदेमंद होगा। इसी भरोसे का इस्तेमाल कर उन्होंने बच्चे को घर की अलमारी तक पहुंचने के लिए उकसाया।

अलमारी से निकले गहने, युवकों के हाथों तक पहुंचे

आरोपों के मुताबिक, युवकों के कहने पर बच्चा घर की अलमारी खोलता और उसमें रखे सोने-चांदी के गहने निकालकर उन्हें देता रहा। विमलेश मिश्रा का दावा है कि चोरी हुए आभूषणों में उनके और उनकी बहन के कीमती गहने शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 80 से 85 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है। ये गहने लंबे समय से सुरक्षित रूप से अलमारी में रखे गए थे और परिवार को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि धीरे-धीरे कीमती संपत्ति घर से बाहर जा रही है।

बहन की मांग ने खोला राज

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब रविवार को विमलेश मिश्रा की बहन ने अपने गहने मांगे। जैसे ही अलमारी खोली गई, गहनों की जगह खाली देखकर घरवालों के होश उड़ गए। घबराए परिजनों ने तुरंत बच्चे से पूछताछ की। सख्ती से पूछने पर बच्चे ने कथित तौर पर बताया कि उसने मोमोज खिलाने वाले युवकों को गहने दिए थे। यह सुनते ही परिवार में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस से संपर्क किया गया।

तीन संदिग्ध युवकों पर टिकी नजर

परिवार ने अपनी शिकायत में बताया है कि इस घटना में तीन युवक शामिल हो सकते हैं, जो नियमित रूप से डुमरी चौराहे पर मोमोज की दुकान लगाते थे। उनका कहना है कि इन युवकों ने बच्चे की मासूमियत और नासमझी का फायदा उठाकर उसे अपने जाल में फंसाया। पुलिस अब इन संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि उनकी गतिविधियों और आवाजाही का पूरा रिकॉर्ड जुटाया जा सके।

सदमे में परिवार

इतनी बड़ी रकम के गहनों के गायब होने से परिवार गहरे सदमे में है। पिता का कहना है कि यह सिर्फ गहनों का नुकसान नहीं, बल्कि परिवार की वर्षों की जमा पूंजी और भावनात्मक विरासत का भी नुकसान है। परिजन आर्थिक रूप से खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगे।

पुलिस की सक्रियता और जांच का भरोसा

रामपुर कारखाना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बच्चे से संवेदनशील तरीके से पूछताछ की जा रही है और तकनीकी व स्थानीय स्तर पर सभी सुराग खंगाले जा रहे हैं।

सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल संपर्क और चौराहे पर मौजूद दुकानदारों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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