संरक्षण गृह से भागी 10 साल की बच्ची के थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने की छापेमारी, संचालिका और उसका पति गिरफ्तार।
देवरिया. यूपी के देवरिया जिले में भी मुजफ्फरनगर जैसा कांड सामने आया है। यहां भी मुजफ्फरनगर के शेल्टर होम की तरह एक नारी संरक्षण गृह में देह व्यापार संचालित कराए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने रात को छापेमारी की तो संरक्षण गृह से 24 लड़कियों को छुड़ाया गया, जबकि गृह की सूची में दर्ज 42 में से 18 लड़कियों का अब भी पता नहीं चला है। पुलिस इन लड़कियों की तलाश में जुट गयी है। एसपी देवरिया ने देर रात प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि इस मामले में संरक्षण गृह की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी और उसके पति मोहन व बेटी को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी रोहन पी कनय के मुताबिक संरक्षण गृह में चल रहे देह व्यापार का खुलासा तब हुआ जब वहीं से किसी तरह निकलकर आयी 10 साल की एक बच्ची ने महिला थाना पहुंचकर पूरी कहानी बतायी। पुलिस ने लड़की की निशानदेही के बाद तत्काल बड़ी टीम के सा संरक्षण गृह पर छापेमारी कर 24 लड़कियों को छुड़ाया। गृह से भागी लड़की के मुताबिक वहां रोजा शाम चार बजे गाड़ियां आती थी, जिसमें लड़कियों को ले जाया जाता था। ये लड़कियां देर रात लौटती थीं। उसके मुताबिक लड़कियों को खुद मैडम यानि की संरक्षण गृह की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ले जाती थीं।
एसपी रोहन कनय की मानें तो आरोपी मां विंध्यावासिनी महिला एवं बालिका संरक्षण गृह की मान्यता समाप्त कर दी गयी थी। अनियमितताओं को लेकर सीबीआई ने भी संरक्षण गृह को को चिन्हित कर रखा था। इसके बाद संचालिका मामले को लेकर हाईकोर्ट चली गयी, जहां से उसे स्टे ऑर्डर मिल गया। एसपी ने बताया कि जब पुलिस छापेमारी करने पहुंची तो वहां की सूची में 42 लड़कियों के नाम दर्ज थे। पर छापेमारी के दौरान सिर्फ 24 लड़कियां ही मौके पर मिलीं। संचालिका और उसके पति ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि बाकी 18 लड़कियां कहां हैं ? इसके बाद संचालिका और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि संचालिका अभी भी पूरे मामले को गलत बता रही है।/ उसका दावा है कि संरक्षण गृह में कुछ भी गलत नहीं होता।