सुबह से रात तक एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए माता के दर्शन
देवास. नवरात्र के पहले दिन रविवार को अवकाश होने के कारण माता टेकरी पर मां तुलजा भवानी व मां चामुंडा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। मन्नत पूरी होने पर कोई घूटनों के बल तो कोई दंडवत होकर मां के दरबार में पहुंचा। माता टेकरी पर अलसुबह 4 बजे से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दोनों समय आरती में भी खासी भीड़ रही।
सुबह से देर रात तक एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। उधर व्यवस्थाओं में पुलिस-प्रशासन के अलावा संस्थाओं व अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहे। भीड़ के दौरान लाेगों को मंदिर परिसर में एक जगह रुकने नहीं दिया गया। पुलिसकर्मी दर्शन के बाद लगातार श्रद्धालुओं को आगे बढ़ाते रहे। शहर व अंचल सहित इंदौर, उज्जैन, सीहोर, शाजापुर जिले से भी भक्तों ने माता टेकरी पहुंचकर मां के दर्शन किए। भीड़ के चलते माता टेकरी के ऊपरी हिस्से में बनाए गए जिगजैग का उपयोग किया गया। इसी से होकर श्रद्धालु दर्शन के लिए बड़ी माता मंदिर पहुंचे।
धुनी मार्ग पर अंधेरे से हुई परेशानी
उधर माता टेकरी के रपट मार्ग, सीढ़ी मार्ग पर पर्याप्त इंतजाम किए गए लेकिन धुनी मार्ग पर व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हो सकी। श्रद्धालुओं ने बताया धुनी मार्ग पर बीच-बीच में कई जगह अंधेरा पसरा है। पर्याप्त रोशनी के इंतजाम नहीं होने से श्रद्धालुओं को अंधेरे में निकलने में दिक्कत हुई। उधर, एबी रोड पर अवैध पार्किंग का मामला भी सामने आया। कई जगह लोग वाहन चालकों को रोककर पार्किंग कराने का प्रयास करते नजर आए।
कलेक्टर ने की पूजा-अर्चना
नवरात्र के पहले दिन कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने माता टेकरी पहुंचकर मां तुलजा भवानी व मां चामुंडा की पूजा-अर्चना कर जिले की सुख-समृद्धि की कामना की। कलेक्टर ने टेकरी पर की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया व संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम देवास बिहारी सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
गाजे-बाजे के साथ विराजी मातारानी
उधर शहर में करीब 150 से ज्यादा पंडालों में माता प्रतिमाओं की स्थापना की गई। आयोजन समिति के पदाधिकारी व कार्यकर्ता गाजे-बाजे के साथ माता प्रतिमाओं को पंडाल तक ले गए। शुभ मुहूर्त में माता प्रतिमा विराजित की गई। वहीं कई लोगों ने घरों में भी शुभ मुहूर्त में प्रतिमा स्थापना व घट स्थापना की। 9 दिनी आयोजन के तहत कई जगहों पर गरबा आयोजन भी शुरू हो गए।