
Dewas Factory Blast update: जांच के दौरान देवास पटाखा फैक्ट्री में मिला क्षमता से ज्यादा विस्फोटक सामान, हादसे के बाद जागा प्रशासन शहर की अन्य पटाखा फैक्ट्रियों की जांच शुरू की। (photo:patrika)
Dewas Factory Blast Update: देवास के टोंककलां स्थित पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के बाद शुक्रवार दिनभर जांच और राहत कार्य जारी रहे। गुरुवार देर रात पुलिस ने स्थल से एक और शव बरामद किया। जिसके बाद मरने वालों की संख्या 6 हो गई। क्षत-विक्षत शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। वहीं झुलसे 8 मजदूरों का उपचार इंदौर-देवास के अस्पतालों में जारी है। इंदौर में भर्ती चारों मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है।
शुक्रवार की सुबह पुलिस, प्रशासन और एफएसएल की संयुक्त टीमें जांच के लिए स्थल में पहुंचीं। प्रारंभिक जांच में एफएसएल टीम ने आशंका जताई है कि जिस कमरे में धमाका हुआ वहां पोटाश और पोटेशियम नाइट्रेट का मिश्रण बनाते समय तेज गर्मी के कारण गैस बनी और वही जोरदार धमाके का कारण बनी।
हालांकि अंतिम रिपोर्ट जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। वहीं हादसे के बाद क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया। इंदौर में जांच के बाद तीन पटाखा फैक्ट्री प्रशासन ने सील की हैं। मजदूरों का दावा है कि हादसे के दौरान फैक्ट्री में दो और साथी थे, जिनकी कोई खोज-खबर नहीं लगी है। पुलिस इस एंगल पर एफएसएल की डीएनए विंग की मदद ले रही है।
पटाखा फैक्ट्री धमाके में 11 मजूदर मामूली रूप से झुलसे थे। इन सभी का जिला अस्पताल में इलाज के बाद शुक्रवार को दोपहर 2 बजे ट्रेन से बिहार के लिए रवाना किया गया। मजदूरों ने आरोप लगाए हैं कि फैक्ट्री संचालक ने तीन माह से मजदूरी भुगतान नहीं किया था। उनके पास भोजन के भी पैसे नहीं हैं। देवास स्टेशन पर तहसीलदार सपना शर्मा व प्रशासन के अन्य अफसर मौजूद रहे। मजदूरों को रास्ते खर्च व भोजन के लिए प्रशासन ने 10-10 हजार रुपए और रेल टिकट दिए।
देवास स्टेशन से अपने घर जाने वाले मजदूरों में कुछ ऐसे भी थे, जिनके कपड़े जल गए थे। उन्हें कपड़े नसीब नहीं हुए तो अस्पताल से मिले मरीजों की ड्रेस पहनकर रवाना हुए।
पुलिस ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय और बिहार के गोखलपुर निवासी ठेकेदार आजास को गिरफ्तार कर रासुका के तहत भैरूगढ़ जेल भेज दिया है। दो अन्य आरोपी भूपेंद्र उर्फ छोटू (अररिया, बिहार) व महेश (उत्तराखंड) की तलाश की जा रही है। फैक्ट्री पर मौजूद पटाखों और बारूद के सुरक्षित निस्तारण की जिम्मेदारी एएसपी जयवीर भदौरिया को सौंपी गई है। पुलिस कोर्ट के आदेश के बाद वैज्ञानिक तरीके से इनको नष्ट करेगी।
1. एफएसएल: फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीमें घटना स्थल की भौतिक, रासायनिक और फैक्ट्री के आसपास बिखरे शवों के अवशेषों की डीएनए जांच कर रही है।
2. पीसीबी: प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड का दल फैक्ट्री के संचालन में पर्यावरणीय अनुमति संबंधित जांच कर रही है।
3. बिजली कंपनी: फैक्ट्री में धमाके में विद्युत स्पार्किंग या अन्य गड़बड़ियों की जांच।
4.औद्योगिक सुरक्षा विभाग: फैक्ट्री के संचालन में नियमों की अनदेखी व लापरवाही की जांच।
5. पुलिस टीम: घटना के कारणों की जांच और आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई।
एफएसएल के संयुक्त दल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। हादसे की जांच बीएनपी थाना प्रभारी को सौंपी है। दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेंगे।
- पुनीत गेहलोद, एसपी देवास
मृतकों के शवों को उनके घर भेज दिया गया है। वहीं अन्य मजूदरों को भी 10-10 हजार रुपए की सहायता राशि देकर घर भेज दिया है। मामले में जांच टीम की रिपोर्ट पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- ऋतुराज सिंह, कलेक्टर देवास
देवास में पटाखा फैक्ट्री में हुई दुर्घटना के बाद जिला प्रशासन ने पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर तीन पटाखा फैक्ट्रियों को सील किया गया है। प्रशासन ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में पटाखा गोदामों, फैक्ट्रियों और रसायनों से जुड़ी संवेदनशील इकाइयों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
एडीएम रोशन राय ने बताया कि हातोद तहसील के ग्राम खजुरिया स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर फैक्ट्री को सील कर दिया गया। फैक्ट्री का संचालन विनोद पिता रूपाजी द्वारा किया जा रहा था। इसी तरह टीम की ओर से सांवेर क्षेत्र के धतुरिया और पंचडेरिया में भी पटाखा संस्थानों की जांच की गई। सुरक्षा मानक देखे गए और वहां श्रमिक तथा रहवासियों से भी बातचीत की गई।
इस क्रम में टीम ने बाद में बिचौली क्षेत्र के ग्राम राजधरा स्थित शाना और बाबा फायर वर्कर्स में निरीक्षण किया तो यहां सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिला। इस पर दोनों ही इकाइयों को सील कर दिया गया है। इनका संचालन अकरम मंसूरी और सलीम मंसूरी कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार अनिल पटेल, शिखा सोनी आदि मौजूद रहे। उधर, इस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं कि कहीं हादसा होने के बाद प्रशासन जागता है और फिर इन्हें ढील दे दी जाती है।
Published on:
16 May 2026 10:56 am
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