
major action in Dewas factory blast case (फोटो- Patrika.com)
MP News: मध्य प्रदेश के देवास जिले में गुरूवार सुबह टोंककला के पास एबी रोड पर स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार को एक भीषण विस्फोट (Dewas factory blast case) हुआ था। हादसे में अबतक 6 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। मामले में अब प्रदेश शासन और उज्जैन संभाग आयुक्त ने बड़ा एक्शन लिया है। पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले मे टोंकखुर्द एसडीएम संजीव सक्सेना और तहसीलदार रवि शर्मा को संभाग आयुक्त ने किया निलंबित कर दिया है। वहीं, राज्य शासन ने एसडीओ दीपा मांडवे और एसपी ऑफिस ने चौकी प्रभारी रमनदीप हुंडल को भी निलंबित कर दिया है।
मध्य प्रदेश गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पटाखा फैक्ट्री विस्फोट घटना की जांच रिपोर्ट में सामना आया है कि सोनकच्छ एसडीओपी दीपा मांडवे ने सरकार के आदेश और गाइडलाइन्स के अनुसार फैक्ट्री का निरीक्षण नहीं किया था। इसके अलावा उनके द्वारा फैक्ट्री के संचालन से जुड़ी रिपोर्ट भी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं भेजी गई। सरकार ने इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए एसडीओपी दीपा मांडवे को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा एसपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, टोंककलां चौकी प्रभारी रमनदीप हुंडल निलंबित कर दिया गया है।
कार्यालय ने चौकी प्रभारी के निलंबन को लेकर बताया कि जांच रिपोर्ट में पाया गया कि कारखाना में बडी संख्या में अन्य राज्यों के निवासी कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे जो चौकी टॉककला क्षेत्र में ही निवासरत थे। कारखाना में सुरक्षा के समुचित प्रबंध नहीं थे एवं विस्फोटक सामग्री लाइसेंस में उल्लेखित मात्रा से कई गुना अधिक थी। इसकी जानकारी चौकी प्रभारी टोंककला रमनदीप हुंडल द्वारा किसी प्रकार की जानकारी वरिष्ठ कार्यालय प्रेषित नहीं की गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर उज्जैन संभाग आयुक्त कार्यालय द्वारा टोंकखुर्द एसडीएम संजीव सक्सेना और तहसीलदार रवि शर्मा को निलंबित कर दिया है। एसडीएम पर आरोप है कि उन्होंने अपने सरकारी कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं किया।
उज्जैन संभागायुक्त कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले की मजिस्ट्रियल जांच की जाएगी। इसके लिए दो अधिकारियों की टीम का भी गठन किया गया है जिसमे उज्जैन जिले के अपर कलेक्टर अतेंद्र सिंह गुर्जर और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग इंदौर में संचालक स्तर अधिकारी नमिता तिवारी शामिल है। जारी आदेश के अनुसार, जांच अधिकारी एक सप्ताह के भीतर पूरी जांच करके तथ्यात्मक रिपोर्ट आयुक्त को सौंपेंगे।
-अग्नि दुर्घटना एवं विस्फोट के संभावित कारण
-विस्फोटक नियमों के विभिन्न प्रावधान के पालन कि स्थिति
-नेशनल बिल्डिंग कोड, 2016 के प्रावधान के पालन कि स्थिति
-घटना स्थल और जिले में अन्य जारी अनुज्ञप्तियों की स्थति
-दुर्घटना स्थल पर जारी किए गए अनुजप्तियों की वस्तुस्थिति
-अन्य विभागों की भूमिका (MP News)
Published on:
16 May 2026 05:07 pm
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