
धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पढ़ाई का स्तर अच्छा होने से बच्चों एवं परिजनों का रूझान हर साल प्राइवेट स्कूलों के प्रति बढ़ता जा रहा है। इसलिए अब शहर के अलावा गांवों में भी प्राइवेट स्कूल खुल गए हैं। शासन ने आरटीई को लेकर कड़ाई कर दी है।
अनिवार्य सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद ही मान्यता दी जा रही है। इस साल इसके लिए स्कूल संचालकों से आनलाइन आवेदन मगाया गया था। आवेदनों की पहले जांच की गई, जिसके बाद नोडल अधिकारियों ने स्कूलों में जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान 186 स्कूलों में आरटीई के तहत सुविधाएं पाई गई, लेकिन बाकी स्कूलों में आवेदन में दिए जानकारी के अनुसार अधिकारियों को सुविधा नजर नहीं आया।
शिक्षा विभाग के सूत्रों की माने तो जिन स्कूलों में खेल मैदान, प्रर्याप्त शिक्षक, कमरें, पंखे, कुर्सी, पेयजल, बाऊंड्रीवाल, प्रशिक्षित शिक्षक समेत अन्य सुविधाएं नहीं है, उनकी फाइल को आगे बढऩे से रोक दी गई है।
संचालकों को नोटिस जारी कर डेढ महीने के अंदर आरटीई के मापदंड के अनुरूप छात्र-छात्राओं के लिए व्यवस्था दुरूस्त करने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समय पर निर्देश का पालन नहीं करने पर मान्यता नहीं दी जाएगी।
धमतरी में डीईओ, पिकेएस बघेल ने बताया प्राइवेट स्कूलों को मान्यता देने की प्रक्रिया चल रही है। आरटीई का पालन करने वाले स्कूलों को ही मान्यता दी जाएगी।
नए शिक्षण सत्र के लिए शिक्षा विभाग ने 7 स्कूलों को मान्यता दी है। इनमें एंजल इंग्लिश स्कूल सेमरा, गेलेक्सी स्कूल मगरलोड, आस्था विद्या मंदिर रांवा, सरस्वती शिशु मंदिर नगरी, छाती और मगरलोड के एक अन्य स्कूल शामिल हैं। 15 मई के बाद अन्य स्कूलों भी मान्यता दे दी जाएगी।