
संविधान ने जिनका आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, उसे मतदान करने का अधिकार दिया है। इससे कोई भी उन्हें वंचित नहीं कर सकता हैं। विधानसभा, लोकसभा, पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव को सम्पन्न कराने की जिम्मेदारी अधिकारी और कर्मचारियों की रहती है। इसलिए वे मतदान के दिन अपने अधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते। निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रभावित न हो और अधिकारी, कर्मचारी मतदान कर सके, इसके लिए डाक मत की व्यवस्था की गई है।
पिछले विधानसभा चुनाव में करीब 4 हजार अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिसमें से 50 प्रतिशत ने भी प्रत्याशियों का चुनाव नहीं किया। सूत्रों की माने तो धमतरी विधानसभा में 466, कुरूद विधानसभा में 430 और सिहावा विधानसभा में 460 अधिकरी और कर्मचारियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
उल्लेखनीय है कि शतप्रतिशत मतदान करने के लिए अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा मतदाताओं को जागरूक किया जाता है। स्वयं ही अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने से मतदाताओं में गलत संदेश जा रहा है। इस साल भी विधानसभा चुनाव के लिए ४ हजार अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। चुनाव के बाद ही पता चल पाएगा कि कितने ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।