धमतरी

CG News: गंगरेल के बीच मदद की लहर, वॉटर एंबुलेंस ने बचाई मजदूर की जान

CG News: तट पर एंबुलेंस तैयार रहे। लगभग 8 किलोमीटर की दूरी को चीरते हुए वॉटर एंबुलेंस महज 15-17 मिनट में मरीज को लेकर बोटिंग पॉइंट पहुंच गई।
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Apr 21, 2026
CG News: गंगरेल के बीच मदद की लहर, वॉटर एंबुलेंस ने बचाई मजदूर की जान

CG News: गंगरेल बांध के अथाह जलभराव के बीच स्थित ठेमली आइलैंड सोमवार को एक बड़े हादसे का गवाह बनते-बनते रह गया। यहां एक जहरीला सांप मजदूर पर गिर गया। घबराहट में मजदूर की तबियत बिगड़ गई। इस मजदूर के लिए वाटर एंबुलेंस देवदूत बनकर सामने आई। धमतरी जिला प्रशासन और गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोट्र्स एसोसिएशन की तत्परता से महज 17 मिनट के भीतर मरीज को टापू से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उसकी जान बच गई।

सिरपुर निवासी शंकर कमार (26) ठेमली आइलैंड में जारी निर्माण कार्य में लगा हुआ था। सोमवार सुबह करीब 9 बजे, जब वह एक पेड़ के नीचे से गुजर रहा था, तभी टहनी पर बैठे एक जहरीला सांप उसके ऊपर गिर गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए साथी मजदूरों ने तुरंत वॉटर एंबुलेंस के संचालक सतवंत महिलांग को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम सक्रिय हुई।

टीम ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया, ताकि तट पर एंबुलेंस तैयार रहे। लगभग 8 किलोमीटर की दूरी को चीरते हुए वॉटर एंबुलेंस महज 15-17 मिनट में मरीज को लेकर बोटिंग पॉइंट पहुंच गई। यहां तट पर पहले से मौजूद एंबुलेंस के जरिए शंकर को तत्काल जिला अस्पताल धमतरी पहुंचाया गया, जहां समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत अब खतरे से बाहर है।

कलेक्टर ने थपथपाई पीठ

जलमार्ग से पहला सफल रेस्क्यू का यह पहला मौका है जब गंगरेल जलाशय के भीतर किसी दुर्गम आइलैंड से मरीज को जलमार्ग के रास्ते सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस सफलता पर वॉटर एंबुलेंस की पूरी टीम को बधाई दी है। ब्लू एडवेंचर स्पोट्र्स के प्रमुख सतवंत कुमार महिलांग ने बताया कि सूचना मिलते ही उनकी टीम स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर ठेमली आइलैंड के लिए निकली।

स्थानीय लोगों के अनुसार सांप काफी जहरीला था। गनीमत मजदूर को सांप ने नहीं काटा। यह हमारे लाइफ गाड्र्स और टीम की मेहनत का नतीजा है। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में सतवंत महिलांग के साथ लाइफ गार्ड जिनेन्द्र सिंह महिलांग, मुकेश महिलांग, राजेश सारथी और अशोक मरकाम का विशेष योगदान रहा।

घंटों का सफर मिनटों में पूरा

ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचने के लिए करीब 50 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब जलमार्ग से यह दूरी घटकर सिर्फ 7 किलोमीटर रह गई है। वाटर एंबुलेंस के जरिए यह सफर महज 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जिससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल पाएगी।

डुबान क्षेत्र के गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

इस सेवा से चिखली, माटेगहन, मोंगरागहन, मोंगरी, उरपुटी, कोड़ेगांव बी, कोड़ेगांव रैय्यत समेत 32 गांवों के ग्रामीणों को सीधा फायदा मिलेगा। लंबे समय से ये गांव बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित थे, लेकिन अब स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा।

Updated on:
21 Apr 2026 05:18 pm
Published on:
21 Apr 2026 05:16 pm