Dhamtari News: कई दुकानों में श्रमिक शोषण का शिकार भी हो रहे हैं। इसके बाद भी संबंधित विभाग की ओर से कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है। यही वजह है कि नियमों का माखौल उड़ाने वाले
CG News: शहर में गुमास्ता एक्ट का खुलकर उल्लंघन किया जा रहा है। (Dhamtari News ) कई दुकानदारों ने तो ऐसे हैं, जिन्होंने गुमास्ता का नवीनीकरण भी नहीं कराया है। कई दुकानों में श्रमिक शोषण का शिकार भी हो रहे हैं। इसके बाद भी संबंधित विभाग की ओर से कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है। यही वजह है कि नियमों का माखौल उड़ाने वाले लोगों का हौसला बुलंद हैं।
शहर में होटल, मेडिकल स्टोर्स समेत 2 हजार से अधिक छोटी-बड़ी दुकानें हैं, जिसमें से अनुमानित करीब 16 सौ व्यापारियों ने ही लायसेंस लिया है। सूत्रों की मानें तो व्यापारियों को सालाना टर्नओवर के हिसाब से तीन कैटेगिरी में बांटा गया है। पहला श्रेणी में 12 लाख से नीचे करीब 4 सौ व्यापारी पंजीकृत है। दूसरी श्रेणी में 20 करोड़ टर्न ओवर वाले और तीसरे श्रेणी में 20 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारी आते हैं।
इस तरह जिले में अब करीब 16 सौ व्यापारियों ने ही गुमास्ता लायसेंस लेकर अपना पंजीयन कराया है, लेकिन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। बताया गया है कि गुमाश्ता एक्ट के तहत शहर में मंगलवार और रविवार को दुकानों को बंद रखना अनिवार्य है। इसका उल्लंघन करते पाए जाने पर उनके खिलाफ जुर्माना समेत कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया है, लेेकिन विभागीय उदासीनता के चलते व्यापारी अपनी मनमर्जी चला रहे हैं। गुमास्ता एक्ट के तहत लायसेंस बनाते समय व्यापारियों से बाल श्रमिकों से काम न कराने समेत शत-प्रतिशत नियमों का पालन कराने के लिए शपथ पत्र भी भरवाया जाता है।
गुमास्ता लायसेंस के बिना दुकान संचालित करने पर जुर्माना समेत सजा का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 3 के भीतर वार्षिक लायसेंस दर का 10 प्रतिशत, 6 माह के भीतर वार्षिक लायसेंस दर का 20 प्रतिशत, 9 माह के भीतर 30 प्रतिशत इकसे बाद वार्षिक लायसेंस दर का 50 प्रतिशत जुर्माना संबंधित दुकान संचालक से वसूला जा सकता है। इसके अलावा श्रमिकों का शोषण करने समेत श्रम कानूनों का उल्लंघन करते पाए जाने पर अधिकतम 6 माह से 1 साल का कारवास का भी प्रावधान है।
निगम से मिली जानकारी के अनुसार दुकान एवं स्थापना पंजीयन के लिए अब तक करीब 3 हजार 673 व्यापारियों ने पंजीयन के लिए आवेदन किया है। इसमें से 3 हजार 417 अनुमोदित हुआ है। जबकि 147 वापस और 108 आवेदन निरस्त हुआ है। वहीं 1 आवेदन लंबित पड़ा हुआ है। जबकि 30 फीसदी लायसेंसधारी ऐसे हैं, जिन्होंने अपना गुमास्ता नवीनीकरण नहीं कराया है।
महापौर रामू रोहरा ने बताया कि गुमास्ता लायसेंस का नवीनीकरण करना अनिवार्य है। सर्वे कराकर व्यापारियों को लायसेंस नवीनकरण कराने कहा जाएगा। इसके बाद अनदेखी की गई तो कार्रवाई करेंगे।