धमतरी

CG News: धमतरी में बाल विवाह मुक्त अभियान सुस्त, 9 साल में सामने आए 79 प्रकरण

CG News: धमतरी जिले में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 2028-29 तक पूरे प्रदेश में बाल विवाह मुक्ति का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में सालभर पहले यह अभियान शुरू हुआ।
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Sep 23, 2025
CG News: धमतरी में बाल विवाह मुक्त अभियान सुस्त, 9 साल में सामने आए 79 प्रकरण(photo-patrika)
CG News: धमतरी में बाल विवाह मुक्त अभियान सुस्त, 9 साल में सामने आए 79 प्रकरण(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 2028-29 तक पूरे प्रदेश में बाल विवाह मुक्ति का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में सालभर पहले यह अभियान शुरू हुआ। धमतरी जिले में 10 मार्च 2024 से बाल विवाह मुक्त धमतरी अभियान की शुरूवात की गई। सरकार के इस महत्वपूर्ण अभियान को लेकर जिला महिला एवं बाल विकास विभाग सुस्त है। अब तक जिले के एक भी पंचायत में बैठक कर जानकारी नहीं जुटा पाए कि पिछले दो वर्ष में यहां बाल विवाह हुए या नहीं।

CG News: कुछ पंचायतों में ही हो पाई बैठक

धमतरी जिले में 370 ग्राम पंचायत है। अन्य जिलों में ऐसे पंचायतों की लिस्टिंग भी हो चुकी है। रायगढ़ जिले में 171 पंचायतों का चयन किया गया है। यहां दो साल में एक भी बाल विवाह नहीं हुए हैं। बाल विवाह के कई दोष हैं, इसलिए सरकार ने विवाह की अलग-अलग आयु तय की है।

शादी के लिए लड़कों की आयु 21 वर्ष और लड़कियों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। धमतरी जिले में हर साल बाल विवाह के प्रकरण आ रहे। हालांकि अधिकांश मामलों में समय पर सूचना मिलने के कारण बाल विवाह को रोकने में सफलता मिली है।

कुरुद-मगरलोड में सबसे ज्याद प्रकरण

जिला बाल संरक्षण अधिकारी आनंद पाठक ने बताया कि धमतरी जिले के कुरुद और मगरलोेड ब्लाक के गांवों में बाल विवाह के सबसे ज्यादा प्रकरण सामने आए हैं। प्रचार-प्रसार के बाद वर्तमान में कुरुद ब्लाक में बाल विवाह के प्रकरण में कुछ कमी आई है, लेकिन मगरलोड क्षेत्र में अभी भी जागरूकता की कमी है। इस क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों को बाल विवाह निषेध कार्यक्रम से जोड़कर सहयोग की अपील की जा रही है, ताकि बाल विवाह जैसी रूढ़ीवादी परंपरा पर ब्रेक लग सके।

निगम और पंचायत निभाएगी मुख्य भूमिका

महिला एवं बाल विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 147 गांवों को बाल विवाह मुक्त करने के लिए निगम और पंचायत स्तर पर कार्य होंगे। जिले के सभी पंचायतों को पत्र जारी कर शासन के निर्देश के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके तहत ऐसा गांव, जहां २ साल से बाल विवाह का एक भी प्रकरण सामने नहीं आया है। यहां पंचायत प्रस्ताव पारित करेगा। इसके बाद इश्तहार जारी कर दावा-आपत्ति मंगाई जाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग के फील्ड आफिसर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से ऐसे पंचायतों की खोज करनी है, जहां पिछले दो सालों में बाल विवाह नहीं हुए हैं। इसकी पड़ताल शादी के समय वर-वधु की आयु से करनी है। यानी जब इनकी शादी हुई तब इनकी उम्र कितनी थी। अंकसूची या आधार कार्ड के आधार पर इसका मिलान करना है।

ऐसे होगा सत्यापन

इसके बाद ग्रामसभा में यह जानकारी लाकर बाल-विवाह मुक्त होने का प्रस्ताव पारित करना है। यह जानकारी कलेक्टर के पास भेजी जाएगी। कलेक्टर चाहे तो इसका परीक्षण थर्ड पार्टी से करा सकते हैं। अनुमोदन बाद बाल विवाह मुक्त पंचायत होने का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। छग राजपत्र में पहले वर्ष 40 प्रतिशत गांवों को बाल विवाह मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

बाल विवाह मुक्त छग अभियान के तहत धमतरी जिले को भी बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिले में 10 मार्च 2024 से बाल विवाह मुक्त धमतरी अभियान की शुरूवात की गई है। कुल पंचायत में से 40 प्रतिशत के तहत 148 ग्राम पंचायतों को वर्ष-2028-29 तक बाल विवाह मुक्त करने का लक्ष्य है। 40 प्रतिशत पंचायतों को बाल विवाह मुक्त करने का आदेश 15 सितंबर को ही मिला है। जमीनी स्तर पर हमारी टीम काम कर रही है।

Updated on:
23 Sept 2025 01:47 pm
Published on:
23 Sept 2025 01:47 pm