
रुद्री डैम में कयाकिंग करते नजर आये लोग (photo Patrika)
Chhattisgarh Tourism: धमतरी में बारिश के बाद बदले मौसम और बांध में लबालब जलराशि ने रुद्री को इन दिनों पर्यटन के नए ठिकाने में बदल दिया है। शनिवार की छुट्टी पर रुद्री डेम में सैलानियों की भीड़ रही। इस बार आकर्षण केवल बांध का विहंगम नजारा और हरियाली नहीं, बल्कि पानी पर दौड़ती कयाक हैं। कयाकिंग का रोमांच लेते पर्यटकों के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे रुद्री की पहचान साहसिक पर्यटन स्थल के रूप में भी उभरने लगी है।
15 अगस्त को रुद्री बांध परिसर में शुरू हुई कयाकिंग अकादमी ने पर्यटकों को मनोरंजन का नया विकल्प दिया है। गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोट्र्स एसोसिएशन एवं कर्मा महिला स्व-सहायता समूह, रुद्री के सहयोग से संचालित इस पहल में पर्यटक कयाक में सवार होकर बांध के पानी में पैडलिंग का अनुभव ले रहे हैं। परिवारों के लिए प्रकृति की गोद में सुकून के पल और युवाओं के लिए एडवेंचर का रोमांच एक ही जगह उपलब्ध होने से यहां आवाजाही बढ़ी है। रुद्री की बढ़ती भीड़ ने प्रशासन के सामने पर्यटन प्रबंधन की चुनौती भी बढ़ा दी है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पर्यटकों की संख्या बढऩे के साथ सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई न हो। कयाकिंग में अनिवार्य सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षित संचालक और पर्यटकों को सुरक्षा निर्देश देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया है। इसके साथ ही सफाई, पेयजल, पार्किंग और पहुंच मार्ग जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया है। कलेक्टर ने कहा कि रुद्री और गंगरेल धमतरी की प्रमुख पर्यटन पहचान हैं। साहसिक गतिविधियों का विस्तार सुरक्षा मानकों के साथ होना चाहिए।
पर्यटन से स्थानीय युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को जोडक़र रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी प्रशासन का फोकस है। कयाकिंग अकादमी शुरू होने के बाद रुद्री में पर्यटन के साथ स्थानीय आजीविका की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार और महिला समूहों के लिए पर्यटन गतिविधियों से जुडऩे का अवसर बन रहा है। यदि जल पर्यटन से जुड़ी अन्य गतिविधियों का विस्तार हुआ तो रुद्री-गंगरेल क्षेत्र धमतरी के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख एडवेंचर डेस्टिनेशन के तौर पर अपनी अलग जगह बना सकता है।
कयाकिंग करते पर्यटकों के मोबाइल वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। इससे रुद्री डेम की खूबसूरती और यहां शुरू हुई जल आधारित साहसिक गतिविधि की जानकारी जिले से बाहर तक पहुंच रही है। पर्यटन स्थलों के प्रचार में सोशल मीडिया की भूमिका बढऩे से आने वाले दिनों में आसपास के जिलों से भी पर्यटकों की संख्या बढऩे की संभावना है।
कयाकिंग अकादमी को केवल पर्यटकों के मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा गया है। इसके जरिए स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार से जोडऩे तथा महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाने की योजना है। जल पर्यटन का दायरा बढऩे पर प्रशिक्षित संचालकों, पर्यटक सुविधाओं और अन्य सेवाओं में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
Updated on:
23 Aug 2026 02:33 pm
Published on:
23 Aug 2026 02:33 pm
