दोनों ही पार्टियों में नामांकन दाखिल करने के बाद जो स्थितियां बनी है, उससे पार्टी आलाकमान को अवगत करा दिया गया है।
धमतरी. छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस में रूठों को मनाने की कसरत शुरू हो गई है।दोनों ही पार्टियों में नामांकन दाखिल करने के बाद जो स्थितियां बनी है, उससे पार्टी आलाकमान को अवगत करा दिया गया है। इधर, बागियों का तेवर बरकरार है।
बता दे कि शनिवार को स्क्रूटनी में दस प्रत्याशियों का नामांकन निरस्त होने के बाद चुनावी मैदान में कुल 46 प्रत्याशी बच गए है। 5 नवंबर नाम वापसी की तारीख है। इसके बाद ही धमतरी, सिहावा और कुरूद में चुनावी तस्वीर साफ होगी। बहरहाल, कांग्रेस और भाजपा ने अपने बागी प्रत्याशियों को नाम वापसी के लिए मनाना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि टिकिट वितरण के बाद जिले में कांग्रेस के अंदर आतंरिक विरोध खुलकर सामने आ गया है। पीसीसी के सचिव आनंद पवार ने बागी तेवर दिखाते हुए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इसी तरह कुरूद से राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन के प्रदेश संयोजक तथा जिला पंचायत सदस्य नीलम चन्द्राकर ने भी टिकिट नहीं मिलने से बतौर निर्दलीय चुनाव लडऩे के लिए अपना नामांकन पत्र जमा कर दिया है।
बताया गया है कि आनंद पवार और नीलम चंद्राकर पर उनके समर्थकों का चुनाव लडऩे के लिए भारी दबाव है। पत्रिका से चर्चा करते हुए पीसीसी सचिव आनंद पवार ने कहा कि पार्टी के जमीन से जुड़े नेताओं की उपेक्षा अब कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर का आरोप है कि कुछ बड़े नेताओं ने लेन-देन कर टिकिट का बंटवारा किया है। इससे पार्टी की साख को धक्का लगा है। एक सुनियोजित तरीके से कांग्रेस को प्रदेश में सत्ता से दूर रखने का षडयंत्र किया जा रहा है। पार्टी के स्वाभिमानी कार्यकर्ता अब इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
भाजपा की ओर से बगावत करते हुए युवा तीरथराज फूटान ने अपने सैकड़ों समर्थकों के बीच शहर के विकास की दुहाई देते हुए निर्दलीय चुनाव लडऩे का ऐलान किया है। उनका कहना है कि धमतरी को एक सुनियोजित तरीके से विकास के रास्ते से दूर कर दिया गया है। अब समय आ गया है कि हम सब एकजुट होकर बाहरी षडयंत्र को दूर करें।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस में रविवार को दिनभर बागियों के लिए मान मनौव्वल का दौर चलता रहा। विधायक गुरूमुख सिंह होरा, जिलाध्यक्ष मोहन लालवानी, पूर्व मंत्री माधवसिंह ध्रुव, लेखराम साहू, शरद लोहाना, पंकज महावर,हरमिंदर छाबड़ा आदि नेता रूठे को मनाने का प्रयास करते रहे। पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल और छत्तीसगढ़ प्रभारी कांग्रेस पीएल पुनिया ने भी बागी प्रत्याशियों से संपर्क कर उन्हें नाम वापस लेने का आग्रह किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष रामू रोहरा ने बताया कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व नाराज कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहा है। हमें पूरा भरोसा है कि पार्टी के हित को देखते हुए वे अपना नामांकन वापस ले लेंगे।