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गैस सिलेंडर 1021 रुपये के पार, धमतरी के 40 हजार उपभोक्ताओं को नहीं मिलेगा योजनाओं का लाभ! जानें वजह

LPG Price Hike 2026: महंगाई की मार से जूझ रही आम जनता को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 1021 रुपये के पार पहुंचने के बाद धमतरी जिले में हड़कंप मच गया है।

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LPG Price Hike 2026 - सिलेंडर पहुंचा 1021 रुपये के पार (फाइल फोटो- ANI)

LPG Price Hike In Chhattisgarh: महंगाई की मार झेल रही आम जनता को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की नई वृद्धि के बाद धमतरी जिले में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर का दाम 1,021.50 रुपये तक पहुंच गया है। नई दरें 7 जून से प्रभावी हो गई हैं। इसके साथ ही जिले में घरेलू गैस सिलेंडर पहली बार एक हजार रुपये के आंकड़े को पार कर गया है।

वैश्विक अस्थिरता और तेल कंपनियों की लागत वृद्धि वजह

लगातार बढ़ती कीमतों ने मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों की रसोई का बजट बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब आम उपभोक्ता पहले से ही खाद्य पदार्थों, परिवहन और दैनिक जरूरतों की बढ़ती लागत से जूझ रहा है। मार्च में सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी और अब 29 रुपये और बढ़ने से महज तीन महीनों के भीतर घरेलू एलपीजी 89 रुपये महंगी हो चुकी है। वैश्विक अस्थिरता और तेल कंपनियों की लागत वृद्धि को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।

धमतरी में इस बढ़ोतरी का प्रभाव व्यापक स्तर पर

धमतरी जिले में इस बढ़ोतरी का प्रभाव व्यापक स्तर पर दिखाई देगा। जिले में कुल 2.31 लाख घरेलू गैस कनेक्शन हैं, जिनमें से 1.36 लाख उपभोक्ता प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े हुए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए हजार रुपये से अधिक कीमत पर सिलेंडर भराना अब बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार गैस की खपत कम करने पारंपरिक ईंधन की ओर लौट गए हैं। घरों में लकड़ी, कंडे से चूल्हा जलाकर भोजन तैयार कर रहे हैं।

अर्थशास्त्री डॉ अनंत दीक्षित ने कहा कि एलपीजी की कीमतों में लगातार वृद्धि का असर केवल रसोई तक सीमित नहीं रहता। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण परिवहन लागत पहले ही बढ़ चुकी है, जिससे सब्जियों, अनाज, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम प्रभावित हुए हैं। अब गैस सिलेंडर महंगा होने से घरेलू खर्च का दबाव और बढ़ेगा। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की बचत और जीवन स्तर पर पड़ सकता है।

40 हजार उपभोक्ताओं का नहीं हुआ ई-केवायसी

जिले में एक अन्य चिंता का विषय यह भी है कि 40 हजार से अधिक गैस उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे उपभोक्ताओं को भविष्य में सब्सिडी या अन्य लाभ प्राप्त करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। गैस एजेंसियां लगातार ई-केवाईसी पूर्ण कराने की अपील कर रही हैं, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता प्रक्रिया से बाहर हैं।

क्या कहते है गृहिणी

महिमा सोनी, गृहिणी के मुताबिक, बढ़ती महंगाई ने घरेलू बजट का संतुलन बिगाड़ दिया है। खाद्य सामग्री, स्कूल फीस, बिजली बिल और परिवहन खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं, ऐसे में गैस सिलेंडर के दाम में लगातार वृद्धि ने परिवारों की आर्थिक परेशानियां और बढ़ा दी है।

अनिता देवांगन, गृहिणी के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल के बाद अब एलपीजी गैस सिलेंडरों की कीमत में वृद्धि होने से कीचन का बजट गड़बड़ा गया है। सब्जी, फल समेत अन्य खाद्य सामाग्रियों की कीमत में भी 10 प्रतिशत वृद्धि हुई है। दिन ब दिन महंगाई सुरसा की मुंह की तरह बढ़ रही है। सरकार को महंगाई कम करने आवश्यक कदम उठाना चाहिए।