25 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

20 साल पुराने स्वास्थ्य घोटाले की फिर खुली फाइल, धमतरी में मेडिकल एजेंसी पर EOW का छापा

Chhattisgarh EOW raid: धमतरी में EOW ने 2004 के स्वास्थ्य संचालनालय घोटाले की जांच के तहत अनिल मेडिकल एजेंसी पर छापा मारा। टीम ने संदिग्ध वित्तीय रिकॉर्ड और अहम दस्तावेज जब्त किए। फोरेंसिक जांच के बाद कई बड़े नामों के सामने आने की संभावना है।
2 min read
Google source verification
Health Department Scam

मेडिकल एजेंसी पर ईओडब्ल्यू की दबिश (photo source- Patrika)

Health Department Scam: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए नया बस स्टैंड स्थित अनिल मेडिकल एजेंसी पर छापा मारा। तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई से दवा कारोबारियों और व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया। घंटों तक चली जांच के दौरान ईओडब्ल्यू की टीम ने एजेंसी से कई संदिग्ध वित्तीय रिकॉर्ड, लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण फाइलें जब्त की हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई वर्ष 2004 के बहुचर्चित स्वास्थ्य संचालनालय घोटाले की जांच से जुड़ी हुई है।

EOW Raid in Dhamtari: सुबह-सुबह एजेंसी पहुंची EOW की टीम

जानकारी के अनुसार, ईओडब्ल्यू की विशेष टीम शुक्रवार सुबह बिना किसी पूर्व सूचना के नया बस स्टैंड स्थित मेडिकल एजेंसी पहुंची। अधिकारियों ने सबसे पहले एजेंसी परिसर को अपने कब्जे में लिया और कर्मचारियों व संचालकों से आवश्यक जानकारी जुटानी शुरू की। इसके बाद दस्तावेजों, बिलों, बैंक लेनदेन और वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की गई। कार्रवाई कई घंटे तक चली, जिसके बाद टीम बड़ी संख्या में दस्तावेज अपने साथ लेकर रवाना हुई।

2004 के स्वास्थ्य संचालनालय घोटाले से जुड़ा मामला

ईओडब्ल्यू अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई करीब दो दशक पुराने स्वास्थ्य संचालनालय घोटाले की जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसी को ऐसे इनपुट मिले थे कि संबंधित मेडिकल एजेंसी के माध्यम से करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन किए गए थे। इन्हीं तथ्यों के आधार पर एजेंसी पर छापेमारी की गई और दस्तावेजों को जब्त कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

घंटों चली पूछताछ, खंगाले गए वित्तीय रिकॉर्ड

कार्रवाई के दौरान ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने मेडिकल एजेंसी के संचालकों और कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की। टीम ने खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड, भुगतान संबंधी दस्तावेज, बैंकिंग लेनदेन और अन्य वित्तीय फाइलों की जांच की। अधिकारियों का मानना है कि जब्त किए गए दस्तावेज जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

फोरेंसिक जांच से खुल सकते हैं नए राज

सूत्रों के अनुसार, जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का फोरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इससे स्वास्थ्य विभाग से जुड़े पुराने वित्तीय लेनदेन, कथित अनियमितताओं और उनसे जुड़े लोगों के बारे में नई जानकारी सामने आ सकती है। यदि दस्तावेजों में संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि होती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

Dhamtari medical agency raid: स्वास्थ्य विभाग के कई बड़े नाम आ सकते हैं जांच के दायरे में

जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद स्वास्थ्य विभाग के पुराने मामलों में शामिल रहे कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। हालांकि, ईओडब्ल्यू ने अभी तक किसी व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया है और जांच जारी होने की बात कही है।

दवा कारोबारियों में बढ़ी हलचल

ईओडब्ल्यू की इस कार्रवाई के बाद धमतरी के दवा कारोबारियों और व्यापारिक जगत में चर्चा तेज हो गई है। अचानक हुई छापेमारी के कारण पूरे दिन बाजार में इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कई व्यापारी मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच और ईओडब्ल्यू के अगले कदम पर नजर बनाए हुए हैं।

जांच जारी, EOW ने नहीं किया आधिकारिक खुलासा

फिलहाल ईओडब्ल्यू ने जब्त किए गए दस्तावेजों की संख्या, जांच में मिले तथ्यों या संभावित आरोपियों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच और फोरेंसिक विश्लेषण पूरा होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस छापेमारी ने करीब 20 साल पुराने स्वास्थ्य संचालनालय घोटाले की जांच को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।