26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

8वीं के छात्र नहीं सुना पाए 25 तक का पहाड़ा, स्कूलों में DEO की सरप्राइज चेकिंग से मचा हड़कंप, धमतरी में शिक्षक को नोटिस

Dhamtari News: आगामी बोर्ड परीक्षाओं से पहले जिला शिक्षा अधिकारी मधुलता तिवारी ने स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई विद्यार्थियों का कमजोर शैक्षणिक स्तर सामने आने पर संबंधित शिक्षक को नोटिस जारी किया गया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

धमतरी

•

image

Khyati Parihar

•

Updated: 26 Jul 2026, 11:58 AM IST

Chhattisgarh News

डीईओ ने स्कूलों का किया औचक निरीक्षण (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Dhamtari DEO Inspection: धमतरी जिले में स्कूली शिक्षा के स्तर में सुधार और आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी कड़ी कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मधुलता तिवारी और प्रशासनिक दल ने शासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिला है कि अब केवल कागजी दावों के आधार पर काम नहीं चलेगा।

निरीक्षण के दौरान एक ओर मेधावी विद्यार्थियों को राज्य की प्रावीण्य (मेरिट) सूची में स्थान दिलाने की रणनीति बनाई गई, वहीं दूसरी ओर बुनियादी शिक्षा में सामने आई कमियों ने शिक्षा व्यवस्था की पोल भी खोल दी। नूतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को चिन्हित कर उनके उत्तर लेखन कौशल और परीक्षा रणनीति पर अभी से विशेष तैयारी कराने के निर्देश दिए गए।

वहीं, शासकीय माध्यमिक शाला भोयना में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थी 25 तक के पहाड़े नहीं सुना पाए और अंग्रेजी में सामान्य संवाद भी नहीं कर सके। इस पर डीईओ ने कड़ी नाराजगी जताई। विद्यार्थियों को संस्कृत वंदना तक याद नहीं होने पर संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। डीईओ ने स्पष्ट कहा कि शैक्षणिक लापरवाही अब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सीधे कार्रवाई होगी।

साप्ताहिक मूल्यांकन और अतिरिक्त कक्षाओं के निर्देश

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, कुकरेल में पिछले वर्षों के कमजोर परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने और विद्यार्थियों का साप्ताहिक मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए। वहीं नगरी विकासखंड के सियादेही स्कूल का अनुशासित वातावरण और शैक्षणिक व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।

वर्षों बाद हुआ ऐसा औचक निरीक्षण

जिले में शिक्षा विभाग के अधिकारी वर्षों बाद शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए स्कूलों तक पहुंचे हैं। पिछले कई वर्षों से सरकारी स्कूलों की सरप्राइज चेकिंग लगभग बंद हो गई थी। पूर्व सहायक संचालक (सेवानिवृत्त) लक्ष्मणराव मगर सप्ताह में तीन से चार दिन विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण करते थे। वहीं पूर्व डीईओ राकेश पांडे भी बिना सूचना के स्कूलों का औचक निरीक्षण करते थे।

लापरवाह शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया जाता था और आवश्यकता पड़ने पर वेतन रोकने जैसी कार्रवाई भी होती थी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलता था। अब नए डीईओ के कार्यभार संभालने के बाद फिर से नियमित निरीक्षण शुरू होने से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।