जांच से स्कूल बसों की खुली पोल, अधिकतर वाहन अनफिट

स्कूलों बच्चों के सुरक्षा की अनदेखी कर अनफिट बसों में उन्हें ढोया जा रहा था। इस गड़बड़ी की पोल रविवार को जांच के दौरान खुल गई

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Feb 15, 2016
fitness test of school bus
धमतरी.
स्कूलों बच्चों के सुरक्षा की अनदेखी कर अनफिट बसों में उन्हें ढोया जा रहा था। इस गड़बड़ी की पोल रविवार को जांच के दौरान खुल गई। जहां 80 बसों में से 9 बसें अनफिट पाई गईं। इन बसों संचालकों इन बसों को अपडेट करने के लिए चेतावनी दी गई। इन बसों को अपडेट नहीं किया गया तो उनके विरूद्ध कार्रवाई होगी।


शहर में अधिकांश निजी स्कूलों में बसों के माध्यम से छात्र-छात्राओं का घर से स्कूल और स्कूल से घर तक लाना-लेजाना किया जाता है। इसमें से अधिकांश स्कूल प्रबंधन द्वारा बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। पालकों द्वारा लगातार इस गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद रविवार को आटीओ और ट्रैफिक पुलिस ने स्कूली बस की जांच की।


इस दौरान अधिकारियों ने बसों में जीपीएस सिस्टम, सीसी टीवी कैमरा, फस्र्ट-एड-बाक्स, सीज सिलेंंडर, इमरजेंसी खिड़की समेत अन्य सुरक्षा उपकरण की जांच की। कई बसों में सुप्रीम कोर्ट के मानकों का उल्लंघन पाया गया। पहली चेकिंग होने के कारण चेतावनी देकर बसों को छोड़ा गया है। इसके बाद भी सुविधाएं बहाल नहीं की गई, तो बसों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


80 बसों की जांच

पालकों से लगातार शिकायत मिलने के बाद एसी मनीष शर्मा ने बसों के फिटनेस टेस्ट को गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर आरटीओ और टै्रफिक पुलिस द्वारा सभी निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया गया। सुबह 10 बजे निजी स्कूलों की 80 बसें मेनोनाइट मैदान में पहुंच गई थी।


अधिकारियों ने सभी बसों की जांच की। इस दौरान कागजात, लाइसेंस, बीमा सहित फिटनेस की जांच की गई। जांच के दौरान 9 बसें अनफिट पाई गईं। स्कूल प्रबंधनों को इसके लिए नोटिस दिया गया है। इसके अतिरिक्त इन बसों को अपडेट करने के लिए उन्हें रविवार शाम तक का वक्त दिया गया था। सोमवार को इन बसों से छात्रों को स्कूल लाया जाएगा। इस दौरान बसें अनफिट मिली तो, स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


कई स्कूल बसे थे शामिल

टैफिक इंचार्ज सत्यकला रामटेके ने बताया फिटनेस टेस्ट शिविर में डीपीएस, मॉडल स्कूल, सर्वोदय स्कूल, मेनोनाइट हायर सेकेंडरी स्कूल समेत शहर के विभिन्न स्कूलों के बसों की जांच की गई। इसमें से 9 बसों की हेड लाइट, फस्र्ट-एड-बाक्स, सीज सिलेंडर, पाकेट समेत अन्य उपकरणों में खामियां पाई गई। इन बसों को सिटी कोतवाली लाकर खड़ा कर दिया गया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन चेतावनी देते हुए बसों में सुविधाएं बहाल करने की शर्त पर छोड़ दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत बसों का फिटनेश टेस्ट के लिए शिविर लगाया गया। समय-समय पर आरटीओ ऑफिस में इस प्रकार का फिटनेस टेस्ट किया जाता है। गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाती है। एस गुप्ता, आरटीओ अधिकारी
Published on:
15 Feb 2016 11:18 am
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