
Chhattisgarh Police Checking: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में देर रात पुलिस चेकिंग के दौरान हुआ विवाद अब सुर्खियों में है। अर्जुनी थाना क्षेत्र के मुजगहन-पोटियाडीह बाईपास पर पुलिस और एक युवक के बीच कहासुनी के बाद मामला बढ़ गया। युवक ने थाना प्रभारी (TI) पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि वह पत्नी और बच्चे के साथ फिल्म देखकर लौट रहा था, तभी यह घटना हुई। वहीं पुलिस का कहना है कि नियमित जांच के दौरान युवक सहयोग करने के बजाय उलझ गया था। मामले को लेकर जांच और चर्चा दोनों तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, 4 और 5 मई की मध्यरात्रि अर्जुनी थाना पुलिस क्षेत्र में नियमित वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान बाइक पर अपनी पत्नी और बच्चे के साथ घर लौट रहे एक युवक को पुलिस ने रोक लिया। पुलिस का कहना है कि बाइक की नंबर प्लेट टूटी हुई थी और देर रात परिवार के साथ घूमना संदिग्ध प्रतीत होने पर वाहन की जांच की जा रही थी।
युवक का दावा है कि वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ लेट-नाइट फिल्म शो देखकर घर लौट रहा था। चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ शुरू की, लेकिन बातचीत के दौरान उनका व्यवहार ठीक नहीं था। युवक का आरोप है कि पुलिस द्वारा किए जा रहे व्यवहार को रिकॉर्ड करने के लिए उसने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, जिससे थाना प्रभारी चंद्रकांत साहू नाराज हो गए।
पीड़ित के अनुसार, वीडियो रिकॉर्डिंग करने पर थाना प्रभारी ने अपना आपा खो दिया और उसके साथ मारपीट की। युवक ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना उसकी पत्नी और बच्चे के सामने हुई, जिससे परिवार मानसिक रूप से परेशान हो गया। उसने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने की बात कही है।
वहीं पुलिस का पक्ष इससे अलग है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन जांच के दौरान युवक से केवल सामान्य पूछताछ की जा रही थी और उससे वाहन के दस्तावेज मांगे गए थे। पुलिस का दावा है कि युवक सहयोग करने के बजाय बहस करने लगा, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर युवक पुलिस पर कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस अपने पक्ष को सही बता रही है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।