CG News: धमतरी एसपी कार्यालय में एक दिन पूर्व आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली इस बार गणतंत्र दिवस को एक नए दृष्टिकोण से देखेंगे। आईजी के निर्देश पर धमतरी पुलिस ने एक संवेदनशील और सकारात्मक पहल करते हुए आत्मसमर्पित नक्सलियों को 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल करने का निर्णय लिया है। यह नक्सलियों […]
CG News: धमतरी एसपी कार्यालय में एक दिन पूर्व आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली इस बार गणतंत्र दिवस को एक नए दृष्टिकोण से देखेंगे। आईजी के निर्देश पर धमतरी पुलिस ने एक संवेदनशील और सकारात्मक पहल करते हुए आत्मसमर्पित नक्सलियों को 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल करने का निर्णय लिया है।
यह नक्सलियों के लिए पहला अवसर होगा, जब वे भारतीय गणतंत्र के उत्सव को करीब से देखेंगे और उसका हिस्सा बनेंगे। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों में भारतीय संविधान, लोकतंत्र और गणतंत्र के प्रति विश्वास को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि समानता, अधिकार और कर्तव्यों का प्रतीक है। ऐसे आयोजन में शामिल होकर आत्मसमर्पित नक्सली समाज की मुख्यधारा से जुडऩे की दिशा में एक सार्थक कदम आगे बढ़ाएंगे।
नक्सली नहीं जानते माओवादी का मतलब
पत्रिका ने आत्मसमर्पित नक्सलियों से चर्चा की। इनके लीडर व हथियार रिपेयरिंग करने वाली उषा बलम्मा से पूछा गया कि माओ क्या है? उषा ने कहा कि माओवादी सिद्धांत है,जिसने जनता के लिए संघर्ष किया और वह चीन देश का नेता है। ये जानकारी किसने दी? इसकी जानकारी हमें अपने नेता लोगों ने क्लास लेकर सिखाये। हम भी पढ़े। अब माओ को नेता मानेंगे क्या? अब आत्मसमर्पण के बाद माओ को नेता नहीं मानेंगे।