सुविधाओं के अभाव में कई स्कूलों की मान्यता खतरे में
धमतरी. शिक्षा विभाग में प्राइवेट स्कूलों को मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले में 201 प्राइवेट स्कूल हैं, जिनके संचालकों ने मान्यता के लिए आवेदन किया हैं। सूत्रों की माने तो इनमें से कई स्कूल ऐसे हैं, जहां अनिवार्य बुनियादी सुविधाएं नहीं है। खेल मैदान, सुरक्षा के उपाय आदि नहीं होने के कारण इनकी मान्यता पर खतरा मंडरा रहा है।
उल्लेखनीय है कि इस साल नया शिक्षण सत्र जून महीने में शुरू होगा। पहले आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश देने के बाद प्राइवेट स्कूलों को मान्यता दी जाती थी, इसलिए निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों को भी मान्यता मिल जाती थी। बच्चों के भविष्य को देखते हुए अधिकारी ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करने में दिलचस्पी नहीं दिखाते थे, लेकिन अब प्रक्रिया में बदलाव कर दिया गया है। आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश देने से पहले ही उन्हें मान्यता लेनी पड़ रही है। ऐसे में जिन स्कूलों में अनिवार्य बुनियादी सुविधाएं नहीं है, उनके संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। वे अब शिक्षा अधिकारियों से सांठगांठ करने में लग गए हैं।
शासन का स्पष्ट निर्देश है कि जिन स्कूलों में बच्चों के लिए अनिवार्य सुविधाएं नहीं है, उन्हें मान्यता नहीं दी जाए। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने वर्तमान शिक्षण सत्र में सिर्फ दो स्कूलों की मान्यता समाप्त कर अपने कत्र्तव्य की इतिश्री कर ली। अब तो अधिकारियों पर भी दबाव बढ़ गया है, ऐसे में जिन स्कूलों में कमियां रहेगी, उन स्कूलों की मान्यता समाप्त हो सकती है।
स्कूलों को मान्यता देने की प्रक्रिया चल रही है। निर्धारित मापदंडों का पालन करने वाले स्कूलों को ही मान्यता दी जाएगी।
पीकेएस बघेल डीईओ, धमतरी
मान्यता देने के लिए सभी स्कूलों संचालकों से आवेदन मंगाए गए थे। आवेदन मिलने के बाद नोडल अधिकारियों ने स्कूलों में जाकर स्थल निरीक्षण किया। जांच समिति ने भी अपनी कार्रवाई पूरी कर ली है। ऐसी जानकारी मिली है कि कई स्कूलों में खेल मैदान, सुरक्षा के उपाए, स्वयं का भवन, प्रशिक्षित शिक्षक समेत अन्य सुविधाएं नहीं है। ऐसे स्कूलों की अलग से सूची बनाई जा रही है।