
CG News: ट्रिपल इंजन वाला नगर निगम धमतरी कंगाली के दौर से गुजर रहा है। निगम की आर्थिक स्थिति इतनी डावांडोल हो चुकी है कि बुनियादी सुविधाओं पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। निगम पर पेट्रोल पंपों का 50 लाख से अधिक का कर्ज है। यहां निगम की साख दांव पर है, क्योंकि तीन पेट्रोल पंपों ने निगम को अब उधार नहीं पटाने को लेकर पेट्रोल-डीजल देना बंद कर दिया है।
नए व कम खपत वाले पंप संचालक निगम की गाडिय़ों में पेट्रोल डीजल देने से हाथ खींच रहे हैं। इसका सीधा असर निगम के काम-काज पर पड़ रहा है। सफाई वाहनों को जरूरत से आधा पेट्रोल-डीजल देकर कटौती की जा रही है। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के गाडिय़ों में ऐसी कोई कटौती नहीं की गई है। सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं अन्य विभागों की देनदारी भी बढ़ती जा रही है।
सिंचाई विभाग के पानी से नगर निगम शहर में जल आपूर्ति करती है। पिछले कई वर्षों से जल टैक्स निगम नहीं पटा रहा है। टैक्स पटाने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नगर निगम को 12 बार नोटिस जारी किया है, लेकिन टैक्स नहीं पटा पाए। निगम पर सिंचाई विभाग का लगभग 13 करोड़ टैक्स बकाया है। बिजली विभाग का कर्ज भी बढ़ते जा रहा है। निगम पर बिजली विभाग का लगभग 9 करोड़ कर्ज है। विभाग ने बढ़ते कर्ज को लेकर पूर्व में निगम को नोटिस जारी किया था। इसके बाद शासन स्तर पर 7.20 करोड़ रूपए का बकाया समायोजन के तहत पटाया गया था। इसके बाद से बकाया कर्ज नहीं पटाया जा रहा।
जेसीबी से बड़े नालों की सफाई होती थी। हर दिन 40 लीटर डीजल दिया जाता था। अब मात्र 15 से20 लीटर ही दिया जा रहा। जेसीबी गैरेज से कम निकल रही। बड़े नालों में मलबा जाम होने लगा है। कचरा कलेक्शन में वार्डों तक पहुंचने वाले ऑटो के तेल में भी डंडी मार दी गई है। पहले प्रतिदिन 30 लीटर डीजल दे रहे थे अब 10 लीटर ही दे रहे। ऐसे में कचरा ऑटो दिन में सिर्फ दो बार ही निकल रहे। इधर निगम का दावा है कि उन्होंने सफाई व्यवस्था वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल देना कम किया है, लेकिन मेन पावर बढ़ाकर व्यवस्था बनाई जा रही है। हालांकि इस व्यवस्था का कुछ खास असर नहीं दिख रहा है।
गर्मी में सबसे ज्यादा संकट वाले वार्डों में पानी टैंकरों से जलापूर्ति होती है। पेट्रोल-डीजल के कर्ज के चलते अनेक वार्डों में पानी टैंकरों का फेरा कम हो गया है। निगम ने कुछ टैंकर व मुंडी खरीदने की योजना बनाई थी। फिलहाल इसे भी रोक दी गई है।
नगर निगम के सैकड़ों वाहन विभिन्न कार्यों के लिए दौड़ती है। कचरा गाड़ी से लेकर जनरेटर या अन्य मशीनरी के उपयोग पर असर पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल के साथ ही बिजली का कर्ज भी बढ़ते जा रहा है।
सिंचाई विभाग के ईई भूपेन्द्र मगेन्द्र ने कहा वाटर ट्रीटमेंट पानी के लिए सिंचाई विभाग द्वारा निगम को अनुबंध के तहत प्रतिदिन पानी दिया जा रहा है। सिंचाई जलकर के रूप में करीब 13 करोड़ का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इसके लिए 12 से अधिक बार नोटिस जारी कर चुके हैं। भुगतान नहीं करने पर नियमानुसार अनुबंध समाप्ति की कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश पर हो सकती है।
धमतरी नगर निगम महापौर रामू रोहरा ने कहा आवश्यकता अनुसार ही वाहनों में पेट्रोल-डीजल का उपयोग किया जा रहा है। किसी भी पेट्रोल पंप संचालकों का पेमेंट नहीं रोका जाएगा। सभी का समय पर भुगतान किया जाएगा। शहर में व्यवस्था बनाने मेनपावर को बढ़ा दिया गया है। कहीं भी अव्यवस्था नहीं है।
Updated on:
15 Apr 2026 05:53 pm
Published on:
15 Apr 2026 05:51 pm
