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बेटी के जन्म पर दिखी खुशी की मिसाल! आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के साथ निकला जश्न का जुलूस, देखें Video

Girl Child Celebration: धमतरी में 24 साल बाद जन्मी बेटी का परिवार ने अनोखे अंदाज में स्वागत किया। ढोल-नगाड़े, धूमाल और आतिशबाजी के साथ करीब 2 किलोमीटर तक जश्न मनाते हुए नवजात को घर लाया गया।

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परिवार में 24 साल बाद हुई बेटी (photo source- Patrika)

परिवार में 24 साल बाद हुई बेटी (photo source- Patrika)

Girl Child Celebration: धमतरी शहर में एक अनोखी और भावनात्मक खुशी का नज़ारा देखने को मिला, जब एक परिवार ने 24 साल बाद जन्मी बेटी का स्वागत ऐसे किया, मानो कोई बड़ा उत्सव हो। मकेश्वर वार्ड निवासी रूपेश कोसरिया और उनकी पत्नी किरण कोसरिया के घर 1 अप्रैल को पहली संतान के रूप में बेटी का जन्म हुआ। परिवार के लिए यह पल बेहद खास था, क्योंकि कोसरिया वंश में पूरे 24 वर्षों के बाद किसी बेटी ने जन्म लिया था।

Girl Child Celebration: नाचते-गाते घर लेकर पहुंचे बेटी

इस खुशी को परिवार ने सिर्फ अपने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरे शहर के साथ साझा किया। 6 अप्रैल को जब मां और नवजात को धमतरी-रायपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल से घर लाया जा रहा था, तब स्वजनों ने स्वागत को यादगार बनाने के लिए भव्य आयोजन किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, धूमाल की धुन और आतिशबाजी के बीच करीब डेढ़ से दो किलोमीटर तक सड़क पर जश्न मनाया गया। परिजन और स्थानीय लोग पूरे रास्ते नाचते-गाते हुए बेटी को घर लेकर पहुंचे।

यह नज़ारा इतना खास था कि राहगीर और आसपास के लोग पहले इसे किसी शादी या बड़े समारोह का जुलूस समझ बैठे। लेकिन जब उन्हें पता चला कि यह उत्सव एक नवजात बेटी के स्वागत के लिए है, तो हर कोई हैरान भी हुआ और भावुक भी। जिस कार में बच्ची को लाया गया था, उसे सुंदर तरीके से सजाया गया था और उस पर बड़े अक्षरों में लिखा था- “बेटी हुई है”, जो इस खुशी को और खास बना रहा था।

शिक्षा और बेहतर अवसर देना हर परिवार की जिम्मेदारी

Girl Child Celebration: परिवार के बड़े सदस्य दीपक कोसरिया ने बताया कि उनके घर में बहन के बाद पहली बार बेटी का जन्म हुआ है, इसलिए यह पल उनके लिए गर्व और खुशी से भरा है। उन्होंने यह भी कहा कि बेटी किसी भी रूप में बोझ नहीं होती, बल्कि वह परिवार के लिए सौभाग्य और आशीर्वाद होती है। उनका मानना है कि बेटियों को अच्छी शिक्षा और बेहतर अवसर देना हर परिवार की जिम्मेदारी है।

कोसरिया परिवार की इस पहल और सोच की शहरभर में सराहना हो रही है। यह आयोजन न सिर्फ एक परिवार की खुशी का प्रतीक बना, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक संदेश देने में सफल रहा कि बेटियां सम्मान और गर्व की प्रतीक हैं, और उनके जन्म का स्वागत पूरे उत्साह और गर्व के साथ किया जाना चाहिए।