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CG News: सफेद सोने का काला कारोबार, बिना एक्सपायरी मैनुफेक्चरिंग डेट के बिक रहा पानी पाउच

CG News: पानी पाउच और बोतल पर आईएसआई मार्का, कंपनी का पूरा पता, फोन नंबर, बैच नंबर,निर्माण सहित एक्सपायरी डेट होना अनिवार्य है, लेकिन धमतरी के बाजार में बिक रहे पाउच इन पैमानों पर पूरी तरह से अमानक है।

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धमतरी

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Love Sonkar

Apr 06, 2026

CG News: सफेद सोने का काला कारोबार, बिना एक्सपायरी मैनुफेक्चरिंग डेट के बिक रहा पानी पाउच

धमतरी में भी बिना एक्सपायरी, मैनुफेक्चरिंग डेट के बिक रहा पानी पाउच। (Photo Patrika)

CG News: धमतरी में गर्मी का सीजन शुरू होते ही शहर में 'सफेद सोने' यानी पानी का काला कारोबार चरम पर पहुंच गया है। शुद्धता के बड़े-बड़े दावों के बीच धमतरी की गलियों और बाजारों में बिना बैच नंबर और बिना एक्सपायरी डेट के पानी पाउच धड़ल्ले से बिक रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि पड़ोस जिला बालोद की ऐसी ही एक कंपनी पर कार्रवाई की गई,लेकिन धमतरी में अबतक जांच तक शुरू नहीं हो पाई।

इस मेहरबानी को लेकर शहर में तरह तरह की चर्चा हो रही है।पत्रिका टीम ने रविवार को शहर के इतवारी बाजार, रामबाग, रायपुर रोड,खोमचों सहित गुंडरदेही मार्ग स्थित डेलीनीड्स दुकानों में पड़ताल की,तो जगह-जगह बिना बैच और एक्सपायरी डेट के पानी पाउच की बिक्री हो रही थी। पानी पाउच में न बैच नंबर अंकित था और न ही मैन्युफैक्चरिंंग,एक्सपायरी डेट लिखा था।यह जरूर लिखा गया था कि पानी 2 महीने तक सुरक्षित रहेगी। अब सवाल यह है कि जब पैकिंग की तारीख ही नहीं पता, तो दो महीने गिनें कहां से।

बाजार से पानी खरीदते समय इन 4 बिंदुओं की जांच करें

बैच नंबर: पानी पाउच के पैकेट पर बेच नंबर स्पष्ट प्रिंट होना चाहिए।

निर्माण एवं एक्सपायरी: किसी भी कंपनी के पानी पाउच में तारीख और महीना स्पष्ट लिखा होना चाहिए।

आईएसआई मार्क: पानी पाउच का निर्माण करने वाली कंपनी के पास वैध लाइसेंस नंबर होना चाहिए।

कंपनी का पता: किसी प्रकार की शिकायत के लिए पानी पाउच में उक्त कंपनी का फोन नंबर और पता अनिवार्य है।

जानिए क्या है नियम

नियम के अनुसार हर पानी पाउच और बोतल पर आईएसआई मार्का, कंपनी का पूरा पता, फोन नंबर, बैच नंबर,निर्माण सहित एक्सपायरी डेट होना अनिवार्य है, लेकिन धमतरी के बाजार में बिक रहे पाउच इन पैमानों पर पूरी तरह से अमानक है। अनेक पानी पाउच बिना ट्रीटमेंट और बिना लैब टेस्टिंग के बोरवेल का पानी सीधे पाउच में भरकर सप्लाई किया जा रहा है।

ऐसे समझे मुनाफे का गणित 50 पैसे की लागत, 2 रुपये में बिक्री

शहर सहित जिले में पानी का कारोबार अब सेवा नहीं, बल्कि एक संगठित सिंडिकेट बन चुका है। जिले में आधिकारिक रूप से मात्र 8 कंपनियां रजिस्टर्ड हैं, लेकिन बाजार में दर्जनों ब्रांड तैर रहे हैं। जानकारों की मानें तो धमतरी शहर समेत आसपास के क्षेत्रों में हर महीने 1 करोड़ रूपए का पानी बिक रहा है। इसमें 40 फीसदी बिक्री पानी पाउच की होती है। एक पानी पाउच को तैयार करने में औसतन 50 पैसे का खर्च आता है, जबकि मार्केट में प्रति पानी पाउच 2 रूपए में बिकता है। यानी की सीधे तौर पर व्यापारी को 300 प्रतिशत का मुनाफा हो रहा है। शहर समेत जिले में हर दिन 10 से 15 लाख पानी पाउच की खपत का अनुमान है।

बालोद में एक्शन, धमतरी में मेहरबानी

19 मार्च को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बिना बैच नंबर और एक्सपायरी डेट वाले पानी पाउच का जांच के बाद ओशिनो ब्रांड निर्माता मेसर्स एसकेएस इंडस्ट्रीज गुरूर जिला बालोद के भंडारण पर विक्रय पर रोक लगा दिया था। जांच के लिए पानी का सैंपल भी भेजा गया है।इधर धमतरी जिले में बड़े पैमाने पर बिना निर्माण,अवसान तिथि के पानी पाउच बेची जा रही है। धमतरी में अधिकारियों को शिकायत का इंतजार है। शहर के बीचों-बीच खुलेआम अमानक पानी बिक रहा है, लेकिन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से पानी माफियाओं के हौसले बुलंद है।

गर्मी का सीजन शुरू होते ही पानी पाउच की बिक्री बढ़ गई है। शहर समेत आसपास के क्षेत्रों से पानी पाउच और बर्फ के सैंपल लेकर जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट में अमानक पाए जाने पर विधिवत कार्रवाई की जाएगी। फनेश्वर पिथौरा, अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग