
Indian Railway update: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का 12 अक्टूबर को प्रस्तावित रायपुर दौरा अपरिहार्य कारणों से एक बार फिर रद्द हो गया है। इस औचक बदलाव से रेलवे प्रशासन की एक महीने से चल रही तैयारियां धरी रह गई हैं, वहीं कुरूद क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार की आस लगाए बैठे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों में गहरी निराशा है। रेल मंत्री को मुख्य रूप से रायपुर में आयोजित रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ के स्थापना दिवस समारोह में शिरकत करनी थी।
इस हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान उनके कर-कमलों से कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास की योजना थी, जिससे पूरे संभाग में उत्साह का माहौल था। हालांकि अब इस स्थगन से सभी निर्धारित कार्यक्रमों पर विराम लग गया है। रायपुर से कुरूद तक रेल सेवा शुरू करने की तैयारी दो महीने पूर्व ही पूरी कर ली गई है। क्षेत्र के लोग महीनों से रेल सेवा का लाभ उठाने तत्पर दिख रहे। 12 अक्टूबर को रेल सेवा शुरू होने को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह था। रेल मंत्री का दौरा टलने से परिचालन तो रूका ही साथ ही आगे नई तारीख के इंतजार को लेकर निराशा भी देखा जा रहा है।
रायपुर-धमतरी के बीच 67 किमी बड़ी रेल लाइन का सफर 2019 से बंद है। पहले केन्द्री से अभनपुर तक बड़ी रेल सेवा को शुरू किया गया। दूसरे चरण में अब रायपुर से कुरूद तक रेल सेवा शुरू होनी थी। यह भी टल गया। धमतरी में ट्रैक बिछाने का काम लगभग पूरा हो गया है। कुछ अन्य निर्माण व तकनीकी निर्माण में अभी 4महीने का समय और लगेगा। धमतरी क्षेत्र में रेलवे का काम धीमा चल रहा है। पिछले 7-8 महीनों में काम के सुस्त चाल से रेल सफर का इंतजार लंबा हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार रायपुर-धमतरी बड़ी रेल लाइन फरवरी-2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।
यह दौरा पहले 9 अक्टूबर को प्रस्तावित था, जिसे बाद में संशोधित कर 12 अक्टूबर किया गया था। लेकिन तय तिथि से ठीक पहले कार्यक्रम रद्द होने से रेलवे अधिकारियों ने इसकी पुष्टि कर दी है। हालांकि रायपुर रेलवे स्टेशन के अन्य आधिकारिक कार्यक्रम यथावत रहेंगे, लेकिन बहुप्रतीक्षित रेल परियोजनाओं के शुभारंभ की नई तिथि को लेकर संशय बना हुआ है। कुरूद क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी को पंख लगने की जो उम्मीदें जगी थीं, वे फिलहाल स्थगित हो गई हैं।