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Navratri 2026: धमतरी में विराजेंगी 9 सिर वाली मरघट काली, 2 टन की है विशाल प्रतिमा, जनवरी से चल रहा निर्माण

Navratri 2026: धमतरी के बांसपारा में नवरात्रि पर 9 सिर वाली मरघट काली की 2 टन वजनी विशाल प्रतिमा विराजेंगी। प्रतिमा का निर्माण जनवरी से स्थानीय कलाकार कर रहे हैं।
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धमतरी

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Oct 08, 2026

Navratri 2026

धमतरी में विराजेंगी 9 सिर वाली मरघट काली (Photo Patrika)

Dhamtari Navratri 2026: शारदीय नवरात्र को लेकर धमतरी शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। अलग-अलग दुर्गा उत्सव समितियां इस बार भक्तों के लिए मां भगवती के आकर्षक और अनोखे स्वरूप तैयार करवा रही हैं। इसी कड़ी में शहर के बांसपारा वार्ड में 9 सिर वाली ‘मरघट काली’ माता की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। करीब 2 टन वजनी यह प्रतिमा नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहने वाली है।

आयोजन को विशेष बनाने की तैयारी में जुटी

न्यू प्रताप मित्र दुर्गा उत्सव समिति इस बार अपने आयोजन को विशेष बनाने की तैयारी में जुटी है। समिति की ओर से माता की अनोखी प्रतिमा के साथ भव्य पंडाल और आकर्षक सजावट भी की जा रही है। प्रतिमा निर्माण का काम स्थानीय कलाकार गंगा नाग कर रहे हैं। विशाल प्रतिमा को देखने के लिए निर्माण स्थल पर अभी से लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है।

जनवरी से चल रहा प्रतिमा का निर्माण

मूर्तिकार गंगा नाग के मुताबिक, 9 सिर वाली इस विशाल प्रतिमा का निर्माण जनवरी से शुरू किया गया था। कई महीनों की मेहनत के बाद अब प्रतिमा अंतिम रूप ले रही है। प्रतिमा की विशालता और नौ सिर वाले स्वरूप को लेकर आसपास के लोगों में भी उत्सुकता बनी हुई है। समिति से जुड़े सीतेश पवार ने बताया कि इस आयोजन को खास बनाने के लिए प्रतिमा के साथ पंडाल और सजावट पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए समिति के सदस्य दर्शन और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

पहले पाताल भैरवी की प्रतिमा को लेकर रही चर्चा

न्यू प्रताप मित्र दुर्गा उत्सव समिति इससे पहले भी अपनी विशेष प्रतिमाओं के कारण चर्चा में रह चुकी है। समिति ने कुछ वर्ष पहले पाताल भैरवी की प्रतिमा स्थापित की थी। समिति से जुड़े लोगों के अनुसार, विसर्जन के लिए प्रतिमा ले जाते समय उसे उठाने में परेशानी हुई थी। इसके बाद विशेष पूजा-अर्चना कराई गई थी। यह प्रसंग उस समय शहर में चर्चा का विषय बना था।

समिति का 50 वा वर्ष

अब समिति ने 50वें वर्ष के आयोजन को यादगार बनाने के लिए 9 सिर वाली मरघट काली माता के स्वरूप का चयन किया है। विशाल प्रतिमा और आकर्षक पंडाल को लेकर नवरात्रि से पहले ही क्षेत्र में उत्साह नजर आने लगा है। समिति के सदस्य श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने में लगे हैं।