
20% महंगी हुईं मां दुर्गा की मूर्तियां (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Navratri 2026: महंगाई की मार मूर्तियों पर भी पड़ी है। कच्चे माल के दाम बढ़ने से मूर्तियों की कीमत में 20 प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही दिन-रात मां दुर्गा की मूर्तियों को अंतिम आकार देने में लगे हुए हैं। विभिन्न पूजा समितियों और पंडालों की मांग को पूरा करने में पूरा परिवार लगता है।
मूर्तिकार पीलू राम साहू का मानना है कि इस वर्ष महंगाई का सीधा असर मूर्तिकला उद्योग पर भी पड़ रहा है। मूर्ति निर्माण में उपयोग होने वाले मूलभूत सामग्रियों में वृद्धि हो गई है। जैसे काली व पीली मिट्टी, पुआल (पैरा) बांस व लकड़ी के ढांचे जलरोधक (वाटरप्रूफ) एवं इको-फ्रेंडली रंग वस्त्र, सुतली तथा आभूषण सजावट की सामग्रियां शामिल हैं। इस कारण मूर्तिकारों को मूर्तियों के निर्माण लागत में काफी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है।
"महंगाई के बावजूद मां दुर्गा के प्रति लोगों की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। मूर्तिकारों द्वारा पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इको-फ्रेंडली मूर्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्लास्टर ऑफ पेरिस के स्थान पर मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। पारंपरिक रूप से हस्तनिर्मित कपड़ों और गोटे-किनारी से मां दुर्गा की पोशाक तैयार की गई है। महंगाई की चुनौतियों के बावजूद मूर्तिकारों के हुनर और मां दुर्गा के प्रति उनकी आस्था पहले जैसी ही है।
रायपुर में अनेक तरह की थीमों पर मां दुर्गा की झांकियां सजाई जा रही हैं। बूढ़ापारा चौक के पास जयपुर राजवाड़े को आकार देने में कलाकार जुटे हुए हैं। दुर्गा पूजा उत्सव समिति के अध्यक्ष सुनील गायकवाड़ ने बताया कि पूजा उत्सव का यह 47वां साल है। जिसे भव्य रूप में मनाने की तैयारी की जा रही है। शेरावाली सौम्य रूप में भक्तों को दर्शन देंगी। मान्यता के अनुसार नवरात्र पर्व के दौरान दिन में तीन बार माता की साड़ी बदलते हैं, फिर उसे श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दिया जाता है। इसके लिए पहले से लोग पंजीयन कराते हैं।
Updated on:
08 Oct 2026 10:14 am
Published on:
08 Oct 2026 10:14 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
