
ग्राम सभा की बैठक में नशा पर प्रतिबंध लगाने लिए गए निर्णय (photo Patrika)
Alcohol ban: गांव का भविष्य नशे की गिरफ्त में न जाए, युवाओं को शराब और दूसरे नशीले पदार्थों से दूर रखा जा सके और सामाजिक माहौल बेहतर बने —इसी सोच के साथ मोहरेगा के ग्रामीणों ने सामूहिक पहल की है। गांव में पूर्ण शराबबंदी लागू करने के लिए ग्रामीणों ने एक दिन काम बंद रखा और महासभा में बैठकर कड़े नियम तय किए। बैठक में महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और अन्य ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। शराब बेचने और खरीदने वालों पर आर्थिक दंड तय करने के साथ नियमों की निगरानी के लिए समिति भी बनाई गई है।
ग्रामसभा ने निर्णय लिया कि गांव में शराब लाना, बेचना और पीना प्रतिबंधित रहेगा। शराब बेचते पकड़े जाने पर 20 हजार रुपए और शराब खरीदने वाले पर 15 हजार रुपए जुर्माना लगाने का प्रावधान तय किया गया है। वहीं, शराब बेचने या खरीदने वाले की सूचना देकर उसे पकड़वाने में मदद करने वाले को 11 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। जुर्माने की राशि ग्राम विकास समिति को देनी होगी। सामूहिक निगरानी और तय नियमों से गांव में नशाखोरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
महासभा में केवल शराबबंदी ही नहीं, बल्कि सामाजिक अनुशासन से जुड़े दूसरे फैसले भी लिए गए। 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को दुकानदारों द्वारा किसी भी तरह के नशीले पदार्थ बेचने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। खुले डिस्पोजल और पानी के पाउच की बिक्री पर भी रोक लगाने की बात कही गई। गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने, अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करने और गाली-गलौज करने पर कार्रवाई व जुर्माने का प्रावधान तय किया गया। होली, दिवाली, रामायण, नवरात्रि सहित गांव के विशेष तीज-त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान नशा कर उपद्रव करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में करेली चौकी प्रभारी राधेश्याम बंजारे ने ग्रामीणों की पहल की सराहना की। उन्होंने नशे से दूर रहने की समझाइश दी और शराब बेचने वालों के खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। ग्रामसभा ने नशामुक्ति अभियान की निगरानी के लिए समिति गठित करने का निर्णय भी लिया, ताकि तय नियमों का पालन कराया जा सके। ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष गणपत पटेल, सचिव राजकुमार पटेल, सरपंच प्रीति भूपेंद्र ध्रुव, उपसरपंच कुलाश यादव और पंचों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व महिलाएं बैठक में मौजूद रहीं। ग्रामीणों ने गांव में बढ़ती नशाखोरी पर चिंता जताते हुए इसे आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया। इसी पहल के संबंध में ग्रामीण धमतरी कलेक्टर कार्यालय भी पहुंचे और नशा उन्मूलन को लेकर जानकारी दी। मोहरेगा में लिया गया यह सामूहिक संकल्प अब गांव में सामाजिक बदलाव की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
Updated on:
10 Oct 2026 01:51 pm
Published on:
10 Oct 2026 01:49 pm
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