नक्सली प्रभावित लोगों ने कलक्टर डा. सीआर प्रसन्ना और एएसपी केपी चंदेल से मिलकर न्याय की गुहार लगाई।
धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में नक्सली प्रभावितों का अब तक व्यवस्थापन नहीं हो सका है। पीडि़त परिवार के एक-एक सदस्यों को छात्रावासों में दैवेभो के रूप में भृत्य की नौकरी तो दे दी गई है, लेकिन अब तक उनका नियमितीकरण नहीं हो सका है।
सोमवार 17 नक्सली प्रभावित लोगों ने कलक्टर डा. सीआर प्रसन्ना और एएसपी केपी चंदेल से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। साल्हेभाट निवासी गैंदलाल मंडावी ने बताया कि उनके बड़े भाई महादेव मंडावी नकसलियों का साथ छोडक़र आत्म समर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौट आए थे, लेकिन माओवादियों ने उसकी हत्या कर दी।
शासन की पुर्नवास नीति के तहत जिला प्रशासन ने आजाक के छात्रावास में कलक्टर दर में उन्हें भृत्य की नौकरी तो दे दी है, लेकिन अब तक नियमितीकरण नहीं किया गया है। भृत्य वेदप्रकाश मंडावी, राजकुमार नेताम, जीवन नेताम, लोकेश नेताम ने बताया कि किसी के परिजनों को माओवादियों ने मारा है, तो कोई शहीद जवान के आश्रित परिजन है। उनकी बातों को गंभीरता से सुनने के बाद कलक्टर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मांग करने वालों में पुनऊराम नेताम, फूलसिंग मरकाम, मीना बाई नेताम, बिमला कुंजाम, देवंतीन नेताम, गिरधर सूर्यवंशी, उदय राम, दुलेश्वर कुंजाम आदि शामिल थे।
मानिक राम कुंजाम, दिनेश्वरी कोरसा ने कहा कि पिछले तीन सालों से छात्रावासों में भृत्य के रूप में सेवा दे रहे हैं, लेकिन महंगाई के जमाने में कलक्टर दर 83 सौ रुपए में गुजारा मुश्किल है। ऐसे मेंं शासन-प्रशासन को नियमितीकरण करना चाहिए।