
CG Lok Sabha Election 2024: जैसे-जैसे तापमान का पारा चढ़ रहा, वैसे-वैसे लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ते जा रही। भाजपा और कांग्रेस ने महासमुंद लोकसभा में अपने प्रत्याशी उतार दिए है। भाजपा ने सरायपाली (महासमुंद) निवासी रूपकुमारी चौधरी पर भरोसा जताया है, तो वहीं कांग्रेस ने दुर्ग जिले के वरिष्ठ नेता व पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू पर दांव खेला है। दोनों ही पार्टी के प्रत्याशी पहले कार्यकर्ताओं की ब्लाक, जिला स्तर पर बैठक लेकर जीत का मंत्र बता रहे।
दोनों प्रत्याशी एक ही दिन धमतरी में कार्यकर्ता बैठक लेने पहुंचे। प्रत्याशियों ने अपने-अपने पार्टी की छवि और विकास कार्यों का बखान किया। भाजपा प्रत्याशी रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि दस साल में मोदी सरकार ने इतने काम किए कि कांग्रेसियों को बोलने का भी मुद्दा नहीं मिल रहा है।
इधर, कांग्रेस प्रत्याशी ताम्रध्वज साहू ने कहा कि भाजपाई हमेशा कहते हैं कि 70 साल में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया। आज मैं बताता हूं कि 70 साल में कांग्रेस ने क्या किया। कांग्रेस ने सत्तर साल में अस्पताल खोला। इन्हीं अस्पताल में नरेन्द्र मोदी और रमन सिंह ने जन्म लिया। इन्हीं स्कूलों में पढ़कर मोदी प्रधानमंत्री बने और रमन सिंह मुख्यमंत्री बने। रूपकुमारी चौधरी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर कार्यकर्ता को 2-2 सौ लोगों तक जाकर मोदी की गारंटी, पीएम आवास, महतारी वंदन, जलजीवन सहित अन्य योजनाओं से रूबरू कराना है।
कार्यकर्ता अपने अपने बूथ को मजबूत करने में अभी से जुट जाएं। इधर, ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मतदाताओं को हम मोदी के भ्रम को बताएंगे कि किस तरह मोदी भेदभाव वाली योजना लाकर गिने-चुने लोगों को ही लाभ दिला रही है। कार्यकर्ता अपने जोन के चार-पांच गांवों को ही विधानसभा क्षेत्र मानकर मेहनत करें और वहां से जीत दिलाएं, ऐसा करने से हमें जीत जरूर मिलेगी।
महासमुंद लोकसभा सीट को पहले कांग्रेस का रिजर्व सीट माना जाता रहा है। अब तक हुए 17 चुनाव में कांग्रेस को 11, विपक्षी दलों को 6 बार जीत मिली। सर्वाधिक 6 बार विद्याचरण शुक्ल यहां के सांसद रहे। 2004 में कांग्रेस से अजीत जोगी ने सीट पर कब्जा जमाया था। पिछले 3 चुनाव में भाजपा को जीत मिल रही है।
सुबह 11.30 बजे रूपकुमारी चौधरी भाजपा कार्यालय पहुंच गई थी। यहां वे पार्टी के पदाधिकारियों से चर्चा कर रही थी। स्वागत का सिलसिला शुरू हुआ और एक-एक कर लोग स्वागत के लिए पहुंच रहे थे। स्वागत के बाद प्रत्याशी ने संबोधन दिया। लगभग कार्यकर्ता बैठक समाप्त हो गई थी। इस दौरान वरिष्ठों के अपमान को लेकर हल्ला शुरू हो गया।
प्रत्याशी के सामने ही पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष ज्ञानिकराम रामटेके ने खूब खरी खोटी सुनाई। उनका कहना था कि जब पार्टी में कोई काम करने वाले नहीं थे, तब हमने समर्पण भाव से भाजपा के लिए काम किया। आज आए नवयुवकों को स्वागत सत्कार का मौका मिल रहा है, वरिष्ठों को दरकिनार कर दिया गया है।
ये गलत है। पूर्व नपा उपाध्यक्ष के गुस्से को देख पूर्व विधायक इंदर चोपड़ा मनाने पहुंचे और मामला शांत कराया। इस घटना की चर्चा कार्यालय में घंटों चलती रही। हालांकि बाद में वे शांत हो गए।