धमतरी

Pay Tax Online: घर बैठे ऑनलाइन टैक्स भुगतान कर सकेंगे लोग, जानिए क्या है क्यूआर कोड व्यवस्था व इसके लाभ

Pay Tax Online: नगर निगम धमतरी द्वारा कराए गए जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे के तहत शहर के 21 हजार घरों में क्यूआर कोड लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

2 min read
Feb 07, 2026
घर बैठे ऑनलाइन टैक्स भुगतान कर सकेंगे लोग (फोटो : एआई)

Pay Tax Online: नगर निगम धमतरी द्वारा कराए गए जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे के तहत शहर के 21 हजार घरों में क्यूआर कोड लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक करीब 2500 घरों में क्यूआर कोड लगाए जा चुके हैं, जबकि शेष घरों में चरणबद्ध तरीके से यह कार्य पूरा किया जाएगा।

निगम उपायुक्त पीसी सार्वा ने बताया कि पहले चरण में ड्रोन सर्वे और दूसरे चरण में हवाई सर्वे के आंकड़ों का राजस्व एवं नगर निगम के अमले द्वारा जमीनी स्तर पर भौतिक सत्यापन किया गया है। तीसरे चरण में लोगों से दावा-आपत्तियां आमंत्रित कर उनके निराकरण के बाद सभी को उनकी सम्पत्तियों का अर्बन प्रॉपर्टी कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।

ये भी पढ़ें

RTE Admission 2026: आरटीई के नियमों में बड़ा बदलाव, इस कक्षा के छात्रों को नहीं मिलेगा प्रवेश, घट सकती है सीटों की संख्या

इस प्रकार संग्रहित सम्पूर्ण डेटा और सम्पत्तियां नक्शा पोर्टल पर भी ऑनलाईन उपलब्ध रहेगी, जिन्हें आमजन अपने उपयोग के अनुसार समय-समय पर पोर्टल से ऑनलाईन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि क्यूआर कोड लगाने का मुख्य उद्देश्य संपत्ति कर व्यवस्था को सुदृढ़ करना, फर्जी रिकॉर्ड पर रोक लगाना और हर संपत्ति की सही पहचान सुनिश्चित करना है। इससे यह भी पता चलेगा कि कौन-सी संपत्ति आवासीय है, कौन-सी व्यावसायिक और कहां कितनी करदेयता बनती है।

Pay Tax Online: निगम को यह होगा फायदा

नगर निगम को इस व्यवस्था से राजस्व बढ़ाने, कर चोरी रोकने और योजनाओं की सटीक प्लानिंग में मदद मिलेगी। शहर की सड़कों, नालियों, जलापूर्ति और अन्य सुविधाओं का डाटा भी जीआईएस से जुड़कर बेहतर प्रबंधन संभव होगा। कुल मिलाकर, धमतरी नगर निगम का यह कदम शहर को स्मार्ट और डिजिटल नगर बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है।

जानिए क्या है क्यूआर कोड व्यवस्था

जीआईएस सर्वे के दौरान हर घर और संपत्ति का डिजिटल डाटा तैयार किया गया है। इसी डाटा को एक यूनिक क्यूआर कोड से जोड़ा जा रहा है। यह क्यूआर कोड संबंधित भवन के बाहर लगाया जा रहा है, जिसे मोबाइल से स्कैन करने पर उस संपत्ति की पूरी जानकारी निगम के रिकॉर्ड में उपलब्ध हो जाती है।

नागरिकों को यह मिलेगा लाभ

  • घर-टैक्स, जलकर सहित अन्य करों की जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी।
  • कर निर्धारण में मनमानी और त्रुटियों की संभावना कम होगी।
  • किसी भी शिकायत या सुधार के लिए संपत्ति की पहचान आसान होगी।
  • भविष्य में ऑनलाइन सेवाओं का लाभ सीधे उसी क्यूआर कोड से मिल सकेगा।
Published on:
07 Feb 2026 10:25 am
Also Read
View All

अगली खबर