पुलिस के मुताबिक नेशनल हाइवे-30 में पुरूर के आगे लंबे समय से फर्जी पुलिस कर्मियों द्वारा राहगीरों से लूटपाट करने की शिकायतें मिल रही थी
पुरूर/धमतरी. बस्तर रोड में वर्दी पहन कर राहगीरों से लूटपाट करने वाले फर्जी पुलिस गिरोह को गुरूर पुलिस ने धरदबोचा है। पुलिस के अनुसार मास्टर माइंड मनीष गिरी समेत उसके बारह साथियों का लंबे समय से आतंक था। न्यायालय में पेश करने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक नेशनल हाइवे-30 में पुरूर के आगे लंबे समय से फर्जी पुलिस कर्मियों द्वारा राहगीरों से लूटपाट करने की शिकायतें मिल रही थी। लूटपाट के शिकार लोगों ने इसकी शिकायत बालोद एसपी से भी की, जिसके बाद उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए एएसपी जेआर ठाकुर को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। इसके बाद एक रणनीति के तहत गुरूर पुलिस के जवानों को सादे वेश में हाइवे में तैनात कर दिया गया।
मुखबिरों का भी जाल बिछा दिया गया। घंटों की मशक्कत के बाद फर्जी पुलिस की टोली जैसे ही सडक़ में आकर राहगीरों को रोककर डराने-धमकाने लगी, उन्हें दबोच लिया गया। आरोपियों के पास से 5 हजार 450 रुपए नगद और बाइक, मोबाइल बरामद किया गया है। सभी के खिलाफ धारा 294,506,323,342,147,149,386,420 के तहत कार्रवाई की गई।
टीआई मनीष शर्मा ने बताया कि हाइवे में वे राहगीरों से लूटपाट करते थे। शिकायत मिलने पर सुनियोजित तरीके से उन्हें गिरफ्तार किया गया।
महिला देखकर रोकते थे
गुरूर पुलिस ने बताया कि फर्जी पुलिस गिरोह हाइवे में खासकर उन लोगों को अपना शिकार बनाते थे, जिसके साथ महिलाएं होती थी। कार्रवाई के नाम पर राहगीरों से दुव्र्यवहार और मारपीट भी की जाती थी।
लंबे समय से थे सक्रिय
पुलिस ने बताया कि इस फर्जी गिरोह का मास्टर माइंड मनीष गिरी और विजय डहरिया है, जिसकी अगुवाई में लंबे समय से अश्विन साहू, जागेश्वर साहू, टुम्मन लाल साहू, प्रहलाद साहू, किशन लाल, कुलेश्वर राम, मुरलीधर साहू, ओंकार साहू लूटपाट करते थे। सभी को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।