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टाउन कंट्री प्लानिंग से हटा जोनल प्लान, अब नए सिरे से बनेगा नियम

शहर के किस एरिया के कितने क्षेत्र को कमर्शियल, कितना आवासीय और आमोद-प्रमोद का क्षेत्र निर्धारित किया जाएगा

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CGNews

टाउन कंट्री प्लानिंग से हटा जोनल प्लान, अब नए सिरे से बनेगा नियम

रायपुर . नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के पुराने अधिनियम से जोन प्लान हटने के साथ ही एक्ट संशोधन का मसौदा तैयार कर लिया गया है। इसके तहत अब नगर निगम अपने क्षेत्र का खुद मास्टर प्लान तय कर सकेगा। शहर के किस एरिया के कितने क्षेत्र को कमर्शियल, कितना आवासीय और आमोद-प्रमोद का क्षेत्र निर्धारित किया जाएगा। टाउन कंट्री प्लानिंग विभाग की उच्चस्तरीय कमेटी ने एक्ट संशोधन के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। इसे कानूनी स्वरूप देने के लिए प्रस्तावित कर दिया है।

अभी तक लैंडयूज परिवर्तन का फायदा सबसे अधिक रसूखदार ही उठाते रहे हैं। जबकि, आमलोगों का एक छोटा-सा प्लाट एरिया भी मास्टर प्लान के दायरे में आमोद-प्रमोद दर्ज कर लिया जाता था, तो उसे आवासीय या फिर व्यावसायिक कराने में कई सालों तक अफसरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।

इस समस्या को देखते हुए राज्य शासन ने मास्टर प्लान से जोनल प्लान को अलग करते हुए नगरीय निकाय क्षेत्र की अधिक जिम्मेदारी तय की है। अफसरों का कहना है कि जो प्लान तैयार किया गया है, उसे कानूनी अमलीजामा पहनाने के लिए विधि विभाग को प्रस्ताव भेज दिया गया है। नया एक्ट संशोधन अधिनियम चुनाव के बाद अस्तित्व में आ जाएगा।

500 प्रकरणों की फाइलें लौटाई : जिला नगर तथा ग्राम निवेश से अभी तक लैंड यूज परिर्वतन से संबंधित जो प्रस्ताव संचालनालय को भेजा जाता था, उसमें अधिकतर प्रकरणों को खारिज कर दिया जाता था। इस मामले में केवल रसूखदार और बिल्डरों के प्रकरणों का ही निराकरण करने में दिलचस्पी दिखाई जाती थी।

राजधानी की सबसे विवादित न्यू स्वागत विहार का मामला अभी तक ठंडा नहीं पड़ा। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने स्वागत विहार के आठ लेआउट पास करने के साथ ही लगभग ४० एकड़ कृषि भूमि को आवासीय करने में देर नहीं किया। जबकि कोरबा का एक प्रकरण छोडक़र लगभग 500 से अधिक छोटे रकबा वाले लैंड यूज परिवर्तन के प्रकरणों को निरस्त कर दिया।

नियमितीकरण जैसा प्रावधान
जिस विभाग के अफसरों का कहना है कि उच्चस्तरीय कमेटी ने मास्टर प्लान के एक्ट संशोधन के बिंदुवार प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। खासियत यह है कि इस संशोधित एक्ट के तहत जिस तरह अवैध निर्माण के नियमितीकरण के प्रकरणों का निराकरण का प्रावधान सामने आया, उसी तरह लैंड न्यूज परिवर्तन की लंबी प्रक्रिया से लोगों को निजात मिलेगी। विधानसभा चुनाव बाद संशोधित अधिनियम के अनुसार लंबित प्रकरणों का निराकरण होने लगेगा।

नगर तथा ग्राम निवेश के संयुक्त संचालक विनीत नायर ने बताया कि उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा नगर विकास योजना के जोनल प्लान संशोधित अधिनियम के बिंदुवार प्रावधन तैयार कर मंजूरी दे दी गई। उस प्रस्ताव को वैधानिक मंजूरी के लिए विधि विभाग को भेज दिया गया है।