
धमतरी. छत्तीसगढ़ के महतारी जतन योजना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्म भोजन करने गर्भवती महिलाओं की संख्या दिनों-दिन कम होती जा रही है। पत्रिका ने शहर के आंगनबाड़ी केन्द्रों का जायजा लिया।महिला सागर, टिकरापारा वार्ड समेत अन्य वार्डों में संचालित आंगनबाडिय़ों में दर्ज संख्या के अनुरूप महिलाएं भोजन करती नहीं मिली।
बता दें कि छग शासन ने बच्चों में कुपोषण दूर करने के उद्देश्य से महतारी जतन योजना शुरू की है।इसके तहत प्रतिदिन दोपहर एक बजे गर्भवती महिलाओं को गर्म भोजन दिया जाना है।महिला एवं बाल विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में प्रतिदिन प्रति गर्भवती महिलाओं पर 9 रुपए 50 रुपए खर्च कर दाल, चावल, आचार, पापड, दो सब्जी, दो रोटी, सलाद और गुड पर खर्च किया जा रहा है।
इसके बाद भी महिलाएं भोजन करने रूचि नहीं दिखा रही है।उनकी संख्या आंगनबाड़ी केन्द्रों में काफी कम हो गई है, इसलिए जिले में कुपोषण का ग्राफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अभी भी यहां 9 हजार से अधिक बच्चे कुपोषित हैं। अधिकारी भी इस योजना के क्रियान्वयन पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
महिमा सागर वार्ड में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक-1 में पहुंचने पर देखा, तोयहां तीन गर्भवती महिलाएं भोजन कर रही थी।कार्यकर्ता शशि ने बताया कि यहां गर्भवती महिलाओं की दर्ज संख्या 16 हैं, जिसमें से चार से पांच महिलाएं आ पाती है।उन्हें निर्देशानुसार भोजन दिया जा रहा है। कुछ महिलाएं दूरी अधिक होने के कारण यहां नहीं आ पा रही है।
यहां भी स्थिति ठीक नहीं
रिसाईपारा पश्चिम के आंगनबाड़ी केन्द्र में महिलाओं की दर्ज संख्या 7 है, जिसमें से 4 महिलाएं भोजन करने आ रही है। रामपुर वार्ड में भी दर्ज संख्या के अनुरूप महिलाएं नजर नहीं आई।कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे महिलाओं को आंगनबाड़ी तक लाने के लिए भोजन के मेनू में परिवर्तन करना जरूरी हो गया है। इस पर शासन-प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।