धमतरी

धमतरी में मची चीख-पुकार, लोग कह रहे – हमें तेंदुओं के झुंड से बचाओ, जो मिले उसका कर देते हैं शिकार

Leopard Terror: इनकी संख्या बढ़ने के बाद अब तो राह चलते लोगों को भी जंगल में तेंदुआ नजर आ जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी पार कर तेंदुआ गंगरेल और आस-पास के इलाकों में भी पहुंचने का डर बना रहता है।

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May 11, 2024

Leopard in CG City: धमतरी से करीब 8 किमी दूर बरारी क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बढ़ते जा रहा है। लगातार तेंदुआ पालतु मवेशियों का शिकार कर रहा है। रात के अंधेरे में कोठार में घुसकर कभी तेंदुआ पालतु बछडे़ को उठा ले जा रहा, तो कभी मुर्गे-मुर्गियों को अपना भोज बना रहा। वहीं इससे ग्रामीणों में भी दहशत है। गंगरेल आने वाले पर्यटकों में भी जंगली जानवरों को लेकर भय बना हुआ है। वन विभाग के अनुसार बरारी-गंगरेल के जंगल में 4-5 तेंदुआ होने की बात कही जा रही है।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों गंगरेल से लगे बरारी, कोटाभर्री गांव में तेंदुआ का आतंक है। बरारी के ग्रामीणों ने बताया कि रोजाना देर शाम को तेेंदुआ गांव में पहुंच जाता है और मवेशियों का शिकार करता है। बरारी के पूर्व सरपंच जोहन सिंह यादव ने बताया कि पहले बरारी क्षेत्र में एक-दो तेंदुआ था, लेकिन अब इसकी संख्या बढ़कर 4 से 5 हो गई है। इसके चलते ग्रामीणों में दहशत है। उन्होंने बताया कि गत दिनों कोटाभर्री में एक बछडे़ का तेंदुआ ने शिकार किया था। कोटाभर्री और बरारी में अब तक 6 से ज्यादा पालतू मवेशियों, कुत्तो का शिकार कर चुका है। ग्रामीण इकबाल कुरैशी, गंगरेल के अजय मेहता, संतोष नेताम ने बताया कि शाम ढलते ही तेंदुआ बरारी के बगीचा और पोल्ट्री फार्म के आसपास मंडराते रहता है। इनकी संख्या बढ़ने के बाद अब तो राह चलते लोगों को भी जंगल में तेंदुआ नजर आ जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी पार कर तेंदुआ गंगरेल और आस-पास के इलाकों में भी पहुंचने का डर बना रहता है।

इन गांवों में दहशत

गंगरेल क्षेत्र में एक साथ चार से पांच तेंदुआ के मंडराने से यहां गंगरेल, कोटाभर्री, बरारी, शकरवारा, मुड़पार, भोयना, फुटहामुड़ा, माकरदोना, सियादेही के ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग की ओर से इन गांवों में मुनादी भी कराकर अलर्ट कर दिया गया है। देर शाम को जंगल क्षेत्र में जाने से मना किया जा रहा है।

पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

रिटायर्ड प्राचार्य अशोक पवार, लोकेश साहू का कहना है कि तेंदुआ के आतंक के बाद अब गंगरेल आने-जाने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना हुआ हैं, क्योंकि कई पर्यटक अछोटा के रास्ते बरारी, कोटाभर्री होकर गंगरेल पहुंचते हैं। वहीं रूद्री बराज के रास्ते भी आते-जाते हैं। ऐसे में यहां झुरमुट वाले जंगल में विचरण करने वाले तेंदुआ कभी भी बाहर आकर लोगों पर अटैक कर सकता हैं। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता है।

डिप्टी रेंजर आर के तिवारी का कहना है कि बरारी-कोटाभर्री के जिस क्षेत्र में आए दिन तेंदुआ निकल रहा है, वहां घना झुरमुट जंगल है। तेंदुआ की आमद से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिए हैं। आसपास के ग्रामीणों को भी अलर्ट कर रहे।

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