
Vivah Shubh Muhurat 2025: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में चार माह निंद्रा के बाद भगवान विष्णु निंद्रा से जांगेंगे। इस साल 1 नवंबर को स्मार्त और 2 नवंबर वैष्णव संप्रदाय के लोग देवउठनी एकादशी पर्व मनाएंगे। इस दिन गोधुली बेला में घंटा, शंख की ध्वनि के बीच भगवान विष्णु को जगाया जाएगा। तुलसी चौरा में गन्ने का मंडप सजाकर सालिग्राम भगवान और माता तुलसी का विवाह कराया जाएगा। इसके साथ ही मांगलिक कार्य, गृह प्रवेश, विवाह के लिए मुहूर्त शुरू हो जाएगा।
विद्ववत परिषद के मीडिया प्रभारी पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया कि आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी से 4 माह के लिए भगवान विष्णु निंद्रा में चले जाते हैं। कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन देवउठनी एकादशी के दिन भगवान नींद से जागते हैं। भगवान के निंद्रा अवस्था में होने के कारण विवाह, गृह प्रवेश सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह से ब्रेेक लग जाता है।
इधर शहर के हटकेशर वार्ड स्थित तुलसी चौरा चौक में देवउठनी एकादशी के दिन सार्वजनिक तौर पर मंडप सजाकर पूजा-अर्चना किया जाएगा। इसकी तैयारी में वार्डवासी जुटे हैं। वार्डवासियों ने बताया कि इस दिन माता तुलसी और सालिग्राम भगवान की पूजा-अर्चना कर शंख, मृंदग बजाकर देव उठाने की परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। इसी के साथ ही भगवान विष्णु 4 माह के बाद शयन से उठेंगे।
देवउठनी एकादशी पर्व से विवाह के लिए कुल 17 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। नवंबर में 2,3., 6, 8, 12, 13, 6, 17, 8, 21, 22, 30, 25, 30 तारीख तक विवाह के लिए निमंत्रण है। इसी तरह दिसंबर में 4, 5, 6, तक शुभ है। इसके बाद खरमास शुरू हो जाएगा। खरमास शुरू होने से विवाह के लिए लंबी यात्रा करनी होगी। ज्योतिष के अनुसार 15 दिसंबर से सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेगा। खरमास में विवाह समेत जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर फिर से ब्रेक लग जाएगा।