Dhamtari News: समुद्री हवाओं के कारण जिला शीतलहर की चपेट में है। 5 साल बाद धमतरी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके पूर्व 2019 में न्यूनतम पारा 8.5 डिग्री तक पहुंच गया था।
Dhamtari News: छत्तीसगढ़ में पिछले 5 दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। तीन दिनों से न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। समुद्री हवाओं के कारण जिला शीतलहर की चपेट में है। 5 साल बाद धमतरी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके पूर्व 2019 में न्यूनतम पारा 8.5 डिग्री तक पहुंच गया था। बढ़ते जा रहे ठिठुरन से लग रहा कि पारा न्यूनतम की ओर दौड़ रहा है।
धमतरी के मंदिरों में भी ठंड का असर देखने को मिल रहा है। रायपुर रोड स्थित मंदिर में श्री खाटू श्याम बाबा को गर्म पोशाक से राहत देने का प्रयास हो रहा है। साथ ही इतवारी बाजार क्षेत्र स्थित तुलजा भवानी मंदिर में भी मां तुलजा भवानी को शॉल ओढ़ाकर ठंड से राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। पड़ रही ठंड से सुबह 5 से 7 व रात 8 बजे के बाद मंदिर पहुंचने वालों की संख्या में कमी आई है।
तुलजा भवानी मंदिर के पुजारी धर्मेन्द्र तिवारी ने बताया कि ठंड काफी बढ़ गई है। 5 दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। माता को गर्म कपड़ा ओढ़ाकर राहत दे रहे हैं। खाटू श्याम बाबा मंदिर ट्रस्ट के सचिव सुरेश गोयल ने बताया कि बाबा को एकादशी के दिन से ही गर्म कपड़ा देते हैं। फाल्गुन की एकादशी तक यह जतन किया जाता है। बाबा का सर्दी का कपड़ा अलग होता है। बाबा फूलों के भीतर ही गर्म कपड़े से आच्छादित रहते हैं। रात में शयन के दौरान गर्म कपड़े में रखते हैं। इसी तरह अन्य मंदिरों में भी भगवान को गर्म कपड़ा ओढ़ाकर राहत दिया जा रहा है।
पिछले साल दिसंबर में मिचौंग तूफान से शहर व आसपास बारिश हुई थी। इस साल 1 दिसंबर को फेंगल तूफान का असर दिखा था, लेकिन 4-5 दिन बाद ही तूफान का असर खत्म हो गया। मौसम विभाग ने भी बारिश की संभावना जाहिर की थी। हालांकि 3-4 दिनों तक आसमान में बादल जरूर छाएं, लेकिन बारिश नहीं हुई।
मौसम वैज्ञानिक डॉ एचपी चंद्रा ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ 60 डिग्री पूर्व और 28 डिग्री उत्तर में स्थित है। साथ ही एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना हुआ है। इसके उत्तर तटीय आंध्रप्रदेश की ओर आने की संभावना है। इन दोनों मौसमी तंत्र के प्रभाव से प्रदेश में हवा की दिशा में परिवर्तन होने की संभावना है। साथ ही नमीं की मात्रा बढ़ने की संभावना है। 19 से 20 दिसंबर को बस्तर और उससे लगे जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। 21 दिसंबर को रायगढ़ और उससे लगे जिलों में बहुत हल्की वर्षा संभावित है।