दो साल में धार जिसे के उद्यानिकी विभाग ने 5 हजार 600 किसानों के प्रकरण स्वीकृत किए, जिनमें से 80 फीसदी फर्जी है।
धार. दो साल में धार जिसे के उद्यानिकी विभाग ने 5 हजार 600 किसानों के प्रकरण स्वीकृत किए, जिनमें से 80 फीसदी फर्जी है। यह आरोप लगाते हुए आरटीआई एक्टिविस्ट अजित चौधरी ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2016-17 व 2017-18 में उपसंचालक कार्यालय उद्यानिकी विभाग ने 37 करोड़ 60 लाख रुपए की चपत लगाई है। दरअसल इन दो वर्षों में विभाग को 47 करोड़ 22 लाख रुपए मिले थे, जिसका 80 फीसदी फर्जी प्रकरणों में बांट दिया गया।
must read : Patrika .com/indore-news/kailash-vijayvargiya-become-chairman-of-basketball-association-4682287/" target="_blank">11 साल से चल रहा विवाद खत्म, इस संघ के चेयरमैन बने कैलाश विजयवर्गीय VIDEO
एक्टिविस्ट ने यह भी बताया कि 2017 में भुगतान करवाने के लिए तत्त्तकालीन उपसंचालक आशीष कनेश को येनकेन प्रकारेण हटवा दिया गया, जिसके स्थान पर 24 अगस्त 17 से 6 अक्टूबर 17 तक 43 दिन के लिए प्रभारी उपसंचालक बनाया गया। इन्होंने महज 43 दिन में बगैर भौतिक सत्यापन 4 करोड़ 86 लाख रुपए का भुगतान कर दिया, जो पिछले दो तीन वर्षों से रुका हुआ था।
इसके बाद वर्तमान उपसंचालक कालूसिंह मंडलोई ने भी पदभार ग्रहण करने के बाद केवल 5 महीने में ही फर्जी प्रकरण स्वीकृत कर अपना मायाजाल बिछाना शुरू कर दिया। चौधरी के अनुसार एक खेत, एक नक्शे को एक बार लाभ दिए जाने के बाद 7 साल तक उसे दोबारा लाभ नहीं दिया जा सकता है, लेकिन यहां एक ही खेत पर प्रतिवर्ष प्रकरण स्वीकृत हो रहे हैं, जो फर्जीवाड़े का सबूत है।