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ब्रिक्स मेहमानों को मांडू क्यों ले जाया गया? केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बता दी वजह

BRICS Summit : ब्रिक्स सम्मेलन में आए विदेशी मेहमानों के लिए यादगार बन गया मांडू का सफर। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह बोले- हम चाहते थे कि दुनिया की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले ब्रिक्स देशों के मंत्री और प्रतिनिधिमंडल हमारी संस्कृति, मूल्यों, परंपराओं, खान-पान और लोक संगीत का अनुभव करें।

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BRICS Summit

BRICS Summit guests Visit Mandu (ब्रिक्स मेहमानों को मांडू क्यों ले जाया गया? Photo Source- Patrika)

BRICS : ब्रिक्स देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल मांडू दौरे पर है। इस दौरान प्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक जहाज महल का भ्रमण करने के साथ साथ स्थानीय संस्कृति से परिचित हुए। मध्य प्रदेश राज्य के ही धार जिला प्रशासन ने अलग अलग देशों के 180 प्रतिनिधियों का भारतीय परंपरा के तहत तिलक लगाकर और पुष्प भेंट कर भव्य स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल के जहाज महल पहुंचने पर 'अतिथि देवो भव' के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

आजीविका समूह की महिलाओं ने भारतीय परंपरा के अनुसार अक्षत-तिलक लगाकर और आरती उतारकर मेहमानों का आत्मीय स्वागत किया गया। इधर, मेजबानी में लगे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेहमानों को मांडू लाने के पीछे का महत्वपूर्ण कारण भी बताया।

शिवराज ने बताया मेहमानों को मांडू लाने का कारण

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, 'खेती और किसानों पर चर्चा से हटकर देखें तो हमारा देश एक प्राचीन और महान राष्ट्र है। मध्य प्रदेश देश का दिल है और इंदौर सपनों का शहर है। प्यारा मालवा क्षेत्र और वहां की शामें वाकई बेमिसाल हैं। इसीलिए हम चाहते थे कि दुनिया की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले ब्रिक्स देशों के मंत्री और प्रतिनिधिमंडल हमारी संस्कृति, मूल्यों, परंपराओं, खान-पान और लोक संगीत का अनुभव करें। इसी वजह से हम आज इस प्रतिनिधिमंडल को मांडू लाए हैं।'

शिवराज ने मांडू को बताया- 'सिटी ऑफ जॉय'

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मांडू को 'सिटी ऑफ जॉय' बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर वीडियो के साथ पोस्ट करते हुए लिखा- 'मांडू City of Joy है। यहां आकर मन सचमुच में आनंद से भर जाता है। ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों के साथ इस ऐतिहासिक नगरी को देखा। जहाज महल की सुंदरता, स्थापत्य ने सबका मन मोह लिया।'

'मालवा का स्वाद बेमिसाल'

वहीं, दूसरी तरफ मेहमानों के नजरिये पर गोर करें तो मुख्य द्वार पर स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किए, जिसने विदेशी मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुछ मेहमान लोक नृत्यों की थाप पर थिरकते भी नजर आए। आदिवासी लोक संस्कृति भगोरिया नृत्य दल ने मादल की थाप पर नाचते-गाते हुए प्रतिनिधियों का स्वागत किया। वहीं, मालवा के पकवानों ने भी उन्हें खासा प्रभावित किया।