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नवजात के शरीर में रेंग रही थी चीटियां, धार में मां ने जन्म के बाद कचरे में फेंका, युवक ने सुनी रोने की आवाज

Abandoned Newborn Baby: धार जिले में एक मां की अमानवीय हरकत सामने आई। जन्म के कुछ घंटे बाद ही नवजात को कपड़े में लपेटकर कचरे में फेंका। शरीर पर चींटियां रेंग रही थीं। युवक ने बचाई जान।
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धार

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Akash Dewani

Jul 18, 2026

newborn baby abandoned roadside rescued by stranger dhar

Abandoned Newborn Baby: जन्म के कुछ घंटे बाद मां ने कचरे में फेंका मासूम, युवक ने बचाया (फोटो सोर्स- Patrika)

Abandoned Newborn Baby Found in Trash: कहते हैं कि मां की गोद दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह होती है, लेकिन मध्य प्रदेश के धार जिले के धार-गुजरी मार्ग के बगड़ी फाटे पर मिली एक तस्वीर ने इस विश्वास को झकझोर दिया। जन्म के कुछ ही घंटे बाद एक नवजात को कपड़े में लपेटकर सडक़ किनारे इस तरह छोड़ दिया गया, मानो उसकी जिंदगी की कोई कीमत ही न हो। मासूम भूख और दर्द से बिलख रहा था। उसके नन्हे शरीर पर चींटियां रेंग रही थीं और तेज धूप के बीच वह मौत से जंग लड़ रहा था। तभी वहां से गुजर रहे कबाड़ बीनने वाले युवक ने उसकी रोने की आवाज सुनी और दौडकऱ पहुंचा। कपड़ा हटाया तो भीतर जिंदगी सांसों के लिए संघर्ष करती मिली। उसकी एक संवेदनशील पहल ने उस मासूम को नया जीवन दे दिया।

लोगों ने डायल 112 को दी सूचना

घटना गुरुवार को धार-गुजरी मार्ग स्थित बगड़ी फाटे की है। कबाड़ बीन रहे भेरू ने जैसे ही बच्चे के रोने की आवाज सुनी, वह सड़क किनारे पहुंचा। कपड़े में लिपटे नवजात को देखकर उसने तत्काल आसपास के लोगों को बुलाया। ग्रामीणों ने डायल-112 को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और एंबुलेंस की मदद से नवजात को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच गई।

ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिंदगी की जंग

जिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती नवजात की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे का वजन सामान्य से काफी कम है और उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। अस्पताल का चिकित्सकीय दल चौबीसों घंटे उसकी निगरानी कर रहा है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि जन्म के एक-दो घंटे के भीतर ही उसे सडक़ किनारे छोड़ दिया गया था। यदि कुछ देर और मदद नहीं मिलती तो उसकी जान बचाना मुश्किल हो सकता था।

अब तलाश उस मां-बाप की

नालछा थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के अस्पतालों, प्रसूति केंद्रों और अन्य संभावित स्थानों से जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर उस मासूम को जन्म देने के बाद किसने उसे यूं मरने के लिए छोड़ दिया।

घटना से लोगों का दिल पसीजा

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग जिला अस्पताल पहुंचे। हर किसी के मन में एक ही सवाल था—जिस मां ने नौ महीने तक उसे अपनी कोख में रखा, वह जन्म के कुछ घंटों बाद उसे इस तरह सडक़ किनारे कैसे छोड़ सकती है, लोगों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

डॉक्टर बोले-समय पर अस्पताल पहुंचा, इसलिए बच गई जान

नवजात को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। उसका वजन सामान्य से काफी कम है और उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। प्रारंभिक अनुमान है कि जन्म के लगभग दो घंटे बाद ही उसे सडक़ किनारे छोड़ दिया गया था। फिलहाल उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।- डॉ. मुकुंद बर्मन, सिविल सर्जन जिला अस्पताल धार