
Katni Critical Minerals Mining: कटनी में टाइटेनियम-वेनेडियम जैसे अहम खनिज मिलने की संभावना (फोटो सोर्स- Wikipedia)
Katni Critical Minerals Mining: मध्यप्रदेश की खनिज राजधानी कहे जाने वाले कटनी जिले की पहचान अब केवल चूना पत्थर, डोलोमाइट और बॉक्साइट तक सीमित नहीं रह सकती। कटनी और जबलपुर जिले की सीमा पर टाइटेनियम, वेनेडियम, रेयर अर्थ और स्लोमैन्स लेटराइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं वाले नए माइनिंग ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस ब्लॉक का करीब 150 हेक्टेयर हिस्सा कटनी जिले के अमोच, छपरा और दिवरी गांवों में है, जबकि शेष क्षेत्र जबलपुर जिले में आता है। कुल ब्लॉक का क्षेत्रफल लगभग 405 हेक्टेयर है।
जिला ऑक्शन कमेटी इस ब्लॉक को मंजूरी दे चुकी है और अब शासन स्तर पर आगे की प्रक्रिया चल रही है। यह केवल एक नई खदान की कहानी नहीं है, बल्कि कटनी के खनिज विषय की नई शुरुआत मानी जा रही है। क्योंकि जिन खनिजों की यहां संभावना जताई गई है, वे देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्रिटिकल मिनरल हैं। सरकार भी ऐसे खनिजों की खोज और खनन को प्राथमिकता दे रही है, ताकि रक्षा, ऊर्जा और हाईटेक उद्योगों के लिए विदेशों पर निर्भरता कम हो सके।
कटनी को यह फायदा-यदि नीलामी के बाद सर्वे में पर्याप्त भंडार की पुष्टि होती है और खनन शुरू होता है तो इसका सबसे बड़ा लाभ कटनी को भी मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। खदान के साथ परिवहन, मशीनरी, निर्माण, होटल, ढाबा, मरम्मत और अन्य छोटे व्यवसायों को भी काम मिलेगा। जिले को मिलने वाली रॉयल्टी बढ़ेगी और जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) में अधिक राशि आएगी।
इसी राशि से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, स्कूल, अस्पताल, पेयजल और अन्य विकास कार्यों को गति मिल सकती है। खनिज विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे खनिज मिलने पर भविष्य में यहां खनिज प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और वैल्यू एडिशन उद्योग भी स्थापित हो सकते हैं। इससे केवल खनन ही नहीं औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं भी खुलेंगी।
टाइटेनियम (Titanium) एक हल्की लेकिन बेहद मजबूत धातु है। इसका उपयोग लड़ाकू विमान, मिसाइल, हेलीकॉप्टर, अंतरिक्ष यान, मेडिकल इम्प्लांट, रासायनिक उद्योग और समुद्री जहाजों में किया जाता है। यही वजह है कि दुनिया भर में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। वेनेडियम (Vanadium) का उपयोग मजबूत स्टील बनाने में होता है। रेलवे ट्रैक, बड़े पुल, भारी मशीनें और रक्षा उपकरणों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। अब इसका उपयोग नई पीढ़ी की ऊर्जा भंडारण बैटरियों में भी तेजी से बढ़ रहा है, जो सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
कटनी और जबलपुर जिले की सीमा पर टाइटेनियम,वेनेडियम,रेयर अर्थ और स्लोमैन्स लेटराइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं पर नया माइनिंग ब्लॉक आरक्षित किया गया है। शासन स्तर से नीलामी प्रक्रिया शुरू हो गई है।- रत्नेश दीक्षित, उपसंचालक, खनिज विभाग
जिले में आयोजित मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव के दौरान प्रदेश सरकार को खनन क्षेत्र में 56 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इसी वौरान सरकार ने कोल इंडिया सहित कई संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण समझौते किए थे। मुख्यमंत्री ने भी कहा था कि पत्रा जिस तरह हीरों के लिए प्रसिद्ध है, उसी तरह भविष्य में कटनी भी सोने और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के कारण नई पहचान बना सकता है।
जिला लंबे समय से प्रदेश के सबसे समृद्ध खनिज जिलों में गिना जाता है। यहां चूना पत्थर, डोलोमाइट, बॉक्साइट, मैंगनीज, लेटराइट, फायर क्ले और निर्माण सामग्री के खनिजों का बड़े पैमाने पर खनन होता है। इन्हीं खनिजों के कारण जिले में कई सीमेंट उद्योग स्थापित हुए और हजारों लोगों को रोजगार मिला। कटनी का रेलवे नेटवर्क भी खनिज परिवहन का बड़ा केंद्र माना जाता है। जिले में सोने के संभावित भंडार को लेकर भी नीलामी हो चुकी है। हालांकि अभी यहां व्यावसायिक स्तर पर सोने का खनन शुरू नहीं हुआ है।
Updated on:
17 Jul 2026 03:54 pm
Published on:
17 Jul 2026 03:54 pm
