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Katni Tunnel: जहां हर मिनट आता था 25 हजार लीटर पानी, वहां बनी देश की सबसे बड़ी टनल, 1450 गांवों की बदलेगी तकदीर

Sleemanabad Tunnel- कटनी जिले की स्लीमनाबाद टनल करीब-करीब तैयार है। CM डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इसका निरीक्षण किया। टनल 100 साल तक सुरक्षित रहेगी, 6 जिलों के 1450 गांवों को...।
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कटनी

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Manish Geete

Jul 17, 2026

Katni Tunnel Project

Katni Tunnel Project- कटनी में लगभग तैयार है देश की सबसे लंबी टनल। सीएम मोहन यादव ने शुक्रवार को किया निरीक्षण।

Katni Tunnel Project- पहले यहां एक मिनट में 25 हजार लीटर ही पानी आता था, लेकिन अब 6 जिलों के 1450 गांवों में पानी पहुंचेगा। यहां देश की सबसे बड़ी टनल बनकर लगभग तैयार है। खास बात यह है कि यह टनल 100 सालों तक ऐसी ही रहेगी और भूकंप का भी इस पर कोई असर नहीं होगा।

मध्यप्रदेश में इंजीनियरिंग का बेहतरीन प्रोजेक्ट 'स्लीमनाबाद टनल' किसी चमत्कार से कम नहीं है। सीएम मोहन यादव ने 17 जुलाई को कटनी जिले में इसका निरीक्षण किया। इस टनल से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना के करीब 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। इस प्रोजेक्ट से विंध्य-महाकौशल क्षेत्रों की खेती की तस्वीर बदल जाएगी।

आधुनिक मशीनों से हुई खुदाई

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 8 घंटे की तीन शिफ्ट में टनल बनाने के लिए काम शुरू किया गया। वर्ष 2015 तक कुल 1406 मीटर टनल बोरिंग होने से इसकी गति बढ़ाने की आवश्यकता थी। लेकिन वर्ष 2016 से टनल के अपस्ट्रीम छोर से जर्मनी से लाई गई आधुनिक मशीन से खुदाई की गई। इसके बाद इंजीनियर, टेक्नीशियन और मजदूर सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखते हुए कई प्रकार की चुनौतियां बढ़ती चली गईं। टनल निर्माण के लिए लंबा संघर्ष रहा है और अब वर्ष 2026 में सफलता मिली है।

विज्ञान का चमत्कार है यह टनल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा नदी तो खंभात की खाड़ी में जाकर मिलती है, लेकिन यह विज्ञान का चत्मकार ही है कि अब मां नर्मदा इस ऐतिहासिक टनल के जरिए से गंगा बेसिन में सोन नदी के आसपास के अंचल को हरा-भरा बना देगी। किसानों और क्षेत्र के व्यापारियों के लिए यह टनल एक वरदान की तरह है। भविष्य में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में इस पर केस स्टडी भी होगी। भीषण से भीषण भूकंप आने पर भी टनल 100 साल तक सुरक्षित रहेगी। कई स्थानों पर टनल की गहराई जमीन से नीचे 120 फीट तक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परियोजना के लिए 1600 करोड़ रुपए की राशि में केंद्र सरकार ने लगभग 275 करोड़ की राशि प्रदान की है।

बढ़ेगा सिंचाई का रकबा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट का क्षेत्र, विंध्य की वैली के 5 जिलों-रीवा, सतना, मैहर, पन्ना और कटनी के कुल ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ेगा। लोगों के लिए पेयजल का समस्या का समाधान होगा। कई स्थानों पर इसमें बिजली भी बनाए जाएगी। यह परियोजना राज्य में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के संकल्प की पूर्ति में निर्णायक भूमिका निभाएगी। राज्य में एक समय पर सिंचाई का रकबा केवल साढ़े 7 लाख हेक्टेयर था। जो 65 लाख हेक्टेयर हो गया है।

अपनी जमीन न बेचें किसान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के अपील की है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन न बेचें। यह क्षेत्र भविष्य में पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ेगा। इस क्षेत्र से पलायन रुकेगा और आर्थिक रूप से समृद्धि आएगी। हमारी सरकार किसान कल्याण वर्ष में बड़े-बड़े संकल्प पूरा करते हुए आगे बढ़ रही है।