धार

रोड पर डेढ़-दो फीट के गड्ढे, 50 किमी की जर्जर सड़क पर 90 रुपए देना पड़ रहा टोल

Toll road एमपी में टोल रोडों की हालत भी बेहद खराब है। मनावर-मंगोद मार्ग के भी कुछ ऐसे ही हाल हैं।

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Dec 04, 2024
90 rupees toll has to be paid on 50 km of dilapidated road

एमपी में टोल रोडों की हालत भी बेहद खराब है। मनावर-मंगोद मार्ग के भी कुछ ऐसे ही हाल हैं। रोड कई जगहों पर जर्जर हो चुकी है। कई स्थानों पर तो सडक़ से डामर ही गायब हो गया है। कई फीट के लंबे चौड़े-बड़े गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिस पर निकलने वाले वाहनों में टूट-फूट भी हो रही है । यह हाल तब हैं ​जबकि इस रोड पर चलने के लिए वाहनों को भारी भरकम टोल भी देना पड़ रहा है। टोल के साथ वाहन मालिकों को टूट फूट की मरम्मत कराने पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। हैरत की बात तो यह है कि इस जर्जर टोल रोड के संबंध में कोई जनप्रतिनिधि भी आवाज उठाने के लिए आगे नहीं आ रहे।

जीराबाद से लेकर मांगोंद तक तो सडक़ पर कई जगह डेढ़-दो फीट के गड्ढे हो चुके हैं। टोल वसूली के बावजूद भी सडक़ में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। गंधवानी के ट्रांसपोर्टर और वाहन चालक रोड की दुरावस्था पर गुस्सा जताते हुए कहते हैं कि आखिर इतनी मोटी रकम टोल के रूप में देने का बावजूद भी सडक़ के बड़े-बड़े गड्ढे को कोई क्यों नहीं भर रहा है।

कमर्शियल वाहनों से वसूला जा रहा टैक्स
इस मार्ग पर जीराबाद के समीप टोल वसूली की जाती है। कॉमर्शियल वाहन से टोल के रूप में तगड़ी राशि वसूली जा रही है। यहां पर हल्के वाहन के 90 रुपए तथा ट्रक के 225 रुपए के हिसाब से वसूले जा रहे हैं। इसके बावजूद सडक़ की स्थिति बहुत खराब है।

मनावर-मंगोद का करीब 50 किमी लंबा यह मार्ग एमपीआरडीसी विभाग के अधीन है, जिस पर 5 वर्षों तक रिपेयर का काम ठेकेदार को करना है। ठेका कंपनी द्वारा इसके मेंटेनेंस में रुचि नहीं ली जा रही, जिससे सडक़ की हालत और खतरनाक होती जा रही है।

एमपीआरडीसी के एजीएम अमित भूरिया के अनुसार सडक़ गारंटी पीरियड में है। ठेकेदार को रिपेयर करना था, वह काम नहीं कर रहा है। ऐसे में कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने के लिए हमने वरिष्ठ कार्यालय को लिखा है। ब्लैक लिस्टेड होने के बाद इस सडक़ पर कुछ वर्क हो पाएगा।

Published on:
04 Dec 2024 08:37 pm
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